
गोपालगंज, 23 दिसम्बर (निज संवाददाता) शहर के अंबेडकर भवन में मंगलवार को फार्मर रजिस्ट्री एग्री-स्टैक परियोजना का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर डीडीसी व एडीएम ने किया। इसमें राज्य में कृषि सेवाओं को आधुनिक,सरल एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री-एग्री स्टैक परियोजना को लागू किया गया है।

जिसकी जानकारी उपस्थित पदाधिकारी द्वारा दी गई। इस परियोजना के तहत प्रत्येक किसान का फार्मर आईडी तैयार किया जा रहा है, जिसमें किसान की भूमि संबंधी जानकारी एवं आधार संख्या को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत बिहार भूमि डाटाबेस को समेकित करते हुए प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम एवं पिता के नाम वाले किसानों की जमाबंदी का एक ऑनलाइन बकेट तैयार किया गया है।

इसी आधार पर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। वही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को आगामी किस्त प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैंप में भाग लेना होगा। इसके लिए किसान को फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल/एप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा e-KYC सत्यापन एवं भूमि संबंधी दावा करना अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री के प्रमुख लाभविभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना अतिरिक्त सत्यापन प्राप्त नहीं होगा।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उत्पादों की बिक्री में आसानी।फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक नुकसान का मुआवजा प्राप्त करने में सुविधा।प्रत्येक किसान की अपनी डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी।पीएम किसान सम्मान निधि योजना का निर्बाध लाभ मिलेगा।उप विकास आयुक्त द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया कि प्रति दिन प्रति पंचायत न्यूनतम 150 e-KYC एवं 100 फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाए। कार्यक्रम में प्रभारी डीएम सह उप विकास आयुक्त कुमार निशान्त विवेक,अपर समाहर्ता राजेश्वरी पाण्डेय,जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन, जिला उद्यान पदाधिकारी आकाश कुमार, सभी सहायक निदेशक (शष्य), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी गोपालगंज सदर व हथुआ सहित कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

