
पटना, 27 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के बाद प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के निर्देश पर पार्टी ने मुरलीगंज के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सह एफएसटी पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश राजद प्रवक्ता ऐजाज अहमद ने बताया कि 05 नवम्बर 2025 को मुरलीगंज थाना क्षेत्र के जयरामपुर स्थित राजद प्रदेश महासचिव रामकृष्ण मंडल के पैतृक आवास पर अनावश्यक छापेमारी की गई और परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताया गया है।आरोप है कि इसके बाद श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने उल्टे रामकृष्ण मंडल के विरुद्ध मुरलीगंज थाना कांड संख्या 554/25, दिनांक 06 दिसम्बर 2025, बीएनएस की धारा 223 के तहत मनगढ़ंत प्राथमिकी दर्ज कराई। राजद का दावा है कि मामला पूरी तरह असत्य और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने उच्चस्तरीय जांच कमिटी का गठन किया है।

कमिटी में उदय नारायण चौधरी को अध्यक्ष तथा प्रो. चन्द्रशेखर, अलख निरंजन उर्फ बीनू यादव, डॉ. तनवीर हसन, डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता, ई. प्रभाष कुमार यादव और जयकांत यादव को सदस्य बनाया गया है।जांच कमिटी एक सप्ताह में स्थलीय जांच कर राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपेगी और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों से भी वार्ता करेगी।

