
नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभ को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब कोई विवाहित व्यक्ति यदि संयुक्त परिवार में पक्के मकान में रहता है और उसके लिए अलग कमरा उपलब्ध नहीं है, तो वह भी योजना का लाभ लेने के योग्य माना जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।विभागीय जानकारी के अनुसार, राज्यभर में पूर्व में बनी सूची के सत्यापन का कार्य शुरू हो चुका है। यह प्रक्रिया जनवरी, 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। पीएम आवास सर्वे के दौरान एक करोड़ चार लाख परिवारों की सूची तैयार की गई थी।

इन्हीं परिवारों का फिलहाल सत्यापन किया जा रहा है और इसके बाद अंतिम सूची प्रकाशित होगी। इसके आधार पर आगे लाभुकों को आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना मुख्य रूप से बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए है। इसी क्रम में निर्णय लिया गया है कि यदि किसी पक्के मकान में केवल दो कमरे हैं और उसमें तीन भाइयों का परिवार रहता है, तो उनमें से एक परिवार को आवास का लाभ दिया जा सकेगा। राज्य में इस योजना के लिए सर्वेक्षण कार्य 15 मई, 2025 तक चला था।सत्यापन के लिए पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं। विभाग की ओर से पूरे प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 12 लाख 20 हजार परिवारों को आवास की राशि दी जानी है। हालांकि, केंद्र से भुगतान रुके होने के कारण निर्माण कार्य धीमा पड़ा है। राज्य सरकार नई व्यवस्था लागू कर भुगतान शुरू कराने में जुटी है। जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

