
पटना, 01 जनवरी (पटना डेस्क) नए वर्ष 2026 में बिहार को सड़क कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिलने की संभावना है। राज्य में पहली बार एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे की शुरुआत होने जा रही है, जिससे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होगी। वाराणसी–औरंगाबाद छह लेन सड़क परियोजना अपने अंतिम चरण में है और इसके 2026 में पूरा होने के साथ ही यह बिहार का पहला छह लेन नेशनल हाईवे बन जाएगा।

इसके साथ ही चार बड़े एक्सप्रेस-वे—पटना-पूर्णिया, रक्सौल-हल्दिया, गोरखपुर-सिलीगुड़ी और बक्सर-भागलपुर—पर काम शुरू होने की उम्मीद है। औरंगाबाद से चोरदाहा तक छह लेन सड़क परियोजना भी इसी वर्ष पूरी होगी, जिससे बिहार से झारखंड और बंगाल की दूरी घटेगी। आमस-दरभंगा नेशनल हाईवे, जो 2025 में पूरा होना था, अब 2026 में लक्ष्यित है।जेपी गंगा पथ के विस्तार से पटना एम्स से सोनपुर और बकरपुर तक आवागमन सुगम होगा। पथ निर्माण विभाग के अनुसार कच्ची दरगाह-बिदुपुर और बख्तियारपुर-ताजपुर परियोजनाएं नए साल में पूरी होंगी।

इसके अलावा गया-बिहारशरीफ चार लेन समेत कई अहम सड़कों का कार्य भी पूरा किया जाएगा।पटना-पूर्णिया मार्ग को केंद्र सरकार ने एक्सप्रेस-वे का दर्जा दिया है और 2026 में वित्तीय मंजूरी मिलने की संभावना है। भागलपुर-हंसडीहा चार लेन सड़क और भागलपुर-मुंगेर में गंगा किनारे मरीन ड्राइव की योजना पर भी काम शुरू होगा। वहीं पटना-औरंगाबाद मार्ग पर अरवल और दाउदनगर बाइपास के निर्माण से यातायात को नई रफ्तार मिलेगी।

