
नई दिल्ली, 03 जनवरी (अशोक “अश्क”) चेन्नई स्थित आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त माहौल हल्का हो गया, जब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान से जुड़े एक सवाल पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान इस समय एक कठिन दौर से गुजर रहा है और वहां कई जटिल चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।

कार्यक्रम में मौजूद एक अफगान छात्र ने उनसे हाल ही में इस्लामिक अमीरात के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के साथ हुई बैठक और भारत के रुख को लेकर सवाल पूछा।सवाल सुनते ही जयशंकर ने मुस्कराते हुए कहा, “मैं इन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता और न ही यह कोई प्लांटेड सवाल है।” उनका यह जवाब सुनकर हॉल में मौजूद लोग हंस पड़े। सवाल पूछने वाले छात्र शेर अली ने खुद को कार्यक्रम में मौजूद संभवतः अकेला अफगान छात्र बताया और दावा किया कि भारत-अफगान नेतृत्व के बीच जिन छह विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें से चार के प्रस्ताव में उसकी भूमिका रही है।

छात्र ने अफगान छात्रों के लिए वीजा और ICCR स्कॉलरशिप शुरू होने को लेकर भी सवाल किया।जवाब में जयशंकर ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते सदियों पुराने हैं। सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन भारत का दृष्टिकोण हमेशा जन-केंद्रित रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत विकास, स्वास्थ्य, वैक्सीन, भोजन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अफगान जनता की मदद जारी रखेगा। विदेश मंत्री ने मुत्तकी के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताते हुए भरोसा दिलाया कि मानवीय और शैक्षिक मुद्दों पर समाधान की दिशा में काम चल रहा है।

