
पटना, 05 जनवरी (पटना डेस्क) मोतिहारी में आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण अब बेहद करीब है। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग 45 दिनों की लंबी यात्रा पूरी कर तमिलनाडु के महाबलीपुरम से जल्द ही मोतिहारी पहुंचेगा। इस भव्य शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया गांव में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में की जाएगी। इसे लेकर पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल है।

कैथवलिया गांव में बन रहा विराट रामायण मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा निर्मित इस मंदिर के प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी स्थल, शिवलिंग स्थल और गर्भगृह की पाइलिंग का कार्य पूरा हो चुका है। न्यास समिति के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि मंदिर का निर्माण तेजी से जारी है।यह विराट मंदिर करीब 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। परिसर में 18 शिखर और 22 छोटे-बड़े मंदिर बनाए जाएंगे, जबकि मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी। मंदिर का शिलान्यास 20 जून 2023 को किया गया था।

33 फीट लंबा और लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी यह शिवलिंग एक ही ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ से निर्मित है। इसे तमिलनाडु के पट्टीकाडु गांव में तैयार करने में कारीगरों को 10 साल लगे। शिवलिंग पर 1008 सहस्त्रलिंगम उकेरे गए हैं। 96 चक्का वाले विशेष ट्रक से लाया जा रहा यह शिवलिंग फिलहाल गोपालगंज पहुंच चुका है, जहां श्रद्धालु भव्य स्वागत कर रहे हैं।

