
पटना, 22 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के इंटरव्यू चरण में एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने एडमिट कार्ड में डिजिटल हेरफेर कर इंटरव्यू तक पहुंच बना ली। जांच में गड़बड़ी पकड़े जाते ही आयोग ने उसे अयोग्य घोषित कर दिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की। आयोग के अनुसार अभ्यर्थी ने अपना मूल रोल नंबर बदलकर चयनित उम्मीदवार का रोल नंबर दर्ज किया था।

सॉफ्टवेयर और डेटाबेस मिलान में विवरण मेल नहीं खाए, जिसके बाद जालसाजी की पुष्टि हुई। आयोग ने स्पष्ट कहा कि ऐसी धोखाधड़ी गंभीर अपराध है और उम्मीदवारी तत्काल रद्द होगी। भविष्य में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया। अब बोर्ड आवंटन लॉटरी प्रणाली से होगा, जहां अभ्यर्थी स्वयं पर्ची निकालकर बोर्ड तय करेंगे। आयोग का कहना है कि इससे प्रभाव, संपर्क और पक्षपात की हर संभावना समाप्त होगी और प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनेगी। इस घटना से आयोग को सख्त निगरानी की जरूरत का भी एहसास हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि सभी चरणों में तकनीकी जांच और मानवीय सत्यापन को और मजबूत किया जाएगा। फर्जी तरीकों से चयन पाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे और ईमानदार अभ्यर्थियों का भरोसा टूटने न पाए। आयोग ने अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने की अपील

