
पटना, 26 जनवरी (पटना डेस्क) पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आठ दिन बाद भी ठोस नतीजा न निकलने पर बिहार सरकार सीधे एक्शन मोड में आ गई है। रविवार को डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सरकारी आवास पर पुलिस मुख्यालय और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक की।

करीब 45 मिनट तक चली इस मीटिंग में गृह मंत्री ने जांच की रफ्तार, अब तक सामने आए तथ्यों और पुलिस की भूमिका पर कड़े सवाल खड़े किए।बैठक में DGP विनय कुमार, ADG CID, IG पटना, SSP पटना और SIT के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने साफ पूछा कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद जांच किसी निर्णायक मोड़ पर क्यों नहीं पहुंची। शुरुआती जांच में हुई देरी और लापरवाही को लेकर भी अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पहले से ही सवालों के घेरे में है।लापरवाही के आरोपों के बाद चित्रगुप्त नगर थाना की अधिकारी रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाना के इंस्पेक्टर हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

इन कार्रवाइयों से साफ है कि सरकार इस केस को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। सूत्रों का कहना है कि आगे और भी सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।अब जांच में CID की भी एंट्री हो चुकी है। रविवार सुबह CID टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचकर करीब दो घंटे तक घटनास्थल की बारीकी से जांच की। छात्रा का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी हुई। रिपोर्ट में संघर्ष और यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। दूसरी राय के लिए रिपोर्ट AIIMS भेजी गई है।हॉस्टल वार्डन, स्टाफ और अस्पताल ले जाने से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी सबूतों की जांच के बीच अब पूरे प्रदेश की नजर इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी है।

