
पटना, 23 जनवरी (पटना डेस्क) पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। यह मामला अब सिर्फ एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता, पुलिस और सिस्टम की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने इस घटना को लेकर बिहार पुलिस और सरकार पर तीखा हमला बोला है।

पप्पू यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस मामले में किसी संवैधानिक पद पर आसीन नेता या मंत्री का पुत्र शामिल है, जिसे बचाने के लिए पुलिस सारी मर्यादाएं लांघ रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई रसूखदार चेहरा इसमें शामिल नहीं होता, तो जांच की दिशा और पुलिस का रवैया बिल्कुल अलग होता। सांसद ने कहा कि पीड़िता के परिजनों को जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, ताकि असली गुनहगार तक बात न पहुंचे।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सच्चाई सामने आने से पहले ही कहानी गढ़ने में जुट गई है।

पप्पू यादव ने पूछा कि आखिर किसे बचाने के लिए नियम, कानून और इंसाफ को कुचला जा रहा है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।अस्पताल और डॉक्टरों की भूमिका पर भी सवाल सांसद ने छात्रा के इलाज से जुड़े अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की भूमिका पर भी गंभीर संदेह जताया। उनका दावा है कि इलाज के दौरान छात्रा की वास्तविक स्थिति को छिपाया गया और पुलिस को पूरी जानकारी नहीं दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई ऐसे तथ्य उभरे हैं, जो शुरुआती जांच पर सवाल खड़े करते हैं।मृतका के परिजनों ने भी यौन उत्पीड़न और सबूत मिटाने की साजिश का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं पटना पुलिस का कहना है कि जांच सभी एंगल से की जा रही है और अब तक किसी नेता या मंत्री के बेटे की संलिप्तता का ठोस प्रमाण नहीं मिला है।

