
पटना, 16 फरवरी (सेंट्रल डेस्क) राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मामले में अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन आठ सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

यह कार्रवाई मानवाधिकार मामलों के जानकार अधिवक्ता एस.के. झा द्वारा दायर याचिका पर की गई। याचिका में छात्रा की मौत को संदिग्ध बताते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। अधिवक्ता ने आयोग को अवगत कराया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों तथा छात्रा के शरीर पर पाए गए चोट के निशान सामान्य नहीं हैं और यह मामला गंभीर आपराधिक कृत्य की ओर संकेत करता है।जानकारी के अनुसार मृत छात्रा बिहार के जहानाबाद जिले की निवासी थी और पटना के मुन्नाचक, कंकड़बाग स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

घटना के बाद से छात्रा के परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या मानवाधिकार हनन के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। याचिकाकर्ता ने अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर मामले की गहन जांच कराने की मांग भी रखी है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन की रिपोर्ट और आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

