पटना (अशोक “अश्क”) बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा, प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा और लाइब्रेरियन भर्ती की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा है। सोमवार को हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पटना कॉलेज परिसर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए डाकबंगला चौराहा पहुंचे। अभ्यर्थी भिखना पहाड़ी, खेतान मार्केट और जेपी गोलंबर होते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया।
महिला अभ्यर्थी बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी करने लगीं। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन की गाड़ियाँ तैनात कर दीं। वहीं कुछ जगहों पर अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। इसमें कई अभ्यर्थियों को मामूली चोटें आई हैं।

दरअसल, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि TRE-4 परीक्षा 2025 में और TRE-5 परीक्षा 2026 में ली जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि STET का आयोजन TRE-5 से पहले कराया जाएगा। इस घोषणा से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है, क्योंकि इसका सीधा अर्थ है कि अब STET परीक्षा 2026 में होगी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि STET परीक्षा TRE-4 से पहले नहीं होती, तो B.Ed और BTC सत्र 2022-24 और 2023-25 के हजारों प्रशिक्षु इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि बिना STET के वे TRE-4 में आवेदन के योग्य नहीं होंगे। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर भी सरकार के इस निर्णय की आलोचना करते हुए इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया।
एक अभ्यर्थी ने लिखा, जब बोर्ड ने साल में दो बार STET आयोजित करने की बात कही थी, तो अब इतनी देरी क्यों? वहीं, दूसरे छात्र ने कहा, हमने तैयारी इसलिए की थी कि STET पहले होगा और हम TRE-4 में शामिल हो पाएंगे, लेकिन सरकार ने अब रुख ही बदल दिया।
इससे पहले 7 अगस्त को भी अभ्यर्थियों ने पटना में STET की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन किया था। उस समय भी CM हाउस की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
सोमवार के प्रदर्शन में 5000 से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। पुलिस ने डाकबंगला चौराहा और जेपी गोलंबर पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि STET परीक्षा को TRE-4 से पहले आयोजित किया जाए, ताकि सभी योग्य अभ्यर्थी इसमें भाग ले सकें। ऐसे में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

