पूर्णिया, 17 सितंबर (राजेश कुमार झा) जिले में पिछले चार महीने से अधिक समय से झारखंड एवं बंगाल के सात कुख्यात मोबाइल स्नैचर सक्रिय थे.पूर्णिया पुलिस को आए दिन मोबाइल स्नेचिंग की शिकायत मिलती थी.पूर्णिया पुलिस ने मोबाइल स्नेचर के खिलाफ शहर के भीड़ भार इलाके में जाल बिछाना शुरू कर दिया.लेकिन पुलिस के हाथ कोई सबूत हाथ नहीं लग रहा था.

बताते चलें कि ये मोबाइल स्नेचर इतने शातिर थे कि मोबाइल स्नेचिंग के बाद मोबाइल का सिम तोड़कर फेंक कर उसका लॉक तोड़ देता था.उसके बाद उसके UPI से फेक अकाउंट में पैसे को ट्रांसफर कर देते थे.जिससे पुलिस को भी इसकी गतिविधि का पता नहीं चल पाता था. लेकिन अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ देता है. बताते चलें कि पिछले महीने एक मोबाइल धारक ने मोबाइल छिनतई की रिपोर्ट पुलिस थाने में लिखाई.पुलिस ने तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी.इस बीच पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि बेलौरी में एक लॉज पर कुछ लड़के रह रहे है.जिनकी गतिविधि कुछ ठीक नहीं लग रही है.सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मामले की जांच करने के आदेश दिए.इस बीच के0 हाट सहायक थाने को सूचना मिली कि कुछ लोग बस स्टैंड के पास गलत गतिविधि में देखा जा रहा है.

सूचना मिलते ही के0 हाट सहायक थाने के एसएचओ पुरुषोत्तम कुमार ने सदल बल बस स्टैंड के पास पहुंच गए.पुलिस को देखने के बाद ही सभी अपराधी भागने लगे.पुलिस ने सभी को रुकने के लिए कहा.लेकिन जब नहीं रुके तो पुलिस ने सभी अपराधियों को खदेड़ कर पकड़ लिया.पकड़े गए सभी अपराधियों के पास 84 मोबाइल,आठ सिम एवं चार आधार कार्ड मिले.पूछताछ में सबने अपने को मोबाइल व्यापारी बताने लगे.पुलिस ने सभी को थाने ले आई.पूछताछ ने सभी ने मोबाइल स्नेचिंग में अपनी संलिप्तता बताते हुए बताया कि हमलोग पिछले चार महीने से अधिक समय से शहर में जगह बदल बदल कर रह रहे थे.हमलोग शहर में से कुल 84 मोबाइल स्नेचिंग कर उसके सिम को तोड़कर फेंक देते थे.उसके बाद उसका लॉक तोड़कर उसके UPI से फेंक एकाउंट में उनके पैसे को ट्रांसफर करते है.अभी तक हमलोगों ने 8 लाख से अधिक रुपए का ट्रांसफर किया.

