
मुजफ्फरपुर, 17 जनवरी (निज संवाददाता) अखिल भारतीय किसान महासभा की बिहार राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक मुजफ्फरपुर के दीवान रोड स्थित किरण श्री विवाह भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड मंजू प्रकाश के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल की टीम ने किया। बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसकी जानकारी देते हुए बिहार राज्य सचिव उमेश सिंह एवं राज्य सह सचिव सह मुजफ्फरपुर जिला सचिव जितेंद्र यादव ने बताया कि किसानों की राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय मांगों को लेकर 5 फरवरी 2026 को बिहार के सभी जिला, अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं 23 फरवरी 2026 को विधानसभा सत्र के दौरान पटना में राज्यस्तरीय विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रमुख मांगों में वीबी-ग्रामग कानून 2025, बीज विधेयक 2025, विद्युत विधेयक 2025 एवं चार श्रम संहिताओं की वापसी,मनरेगा की बहाली,सभी फसलों पर C-2+50% के आधार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी,संपूर्ण कर्जमाफी,किसानों को मुफ्त बिजली,सिंचाई संसाधनों का जीर्णोद्धार तथा किसान निधि पंजीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग शामिल है। इसके अलावा गन्ना,मछली,फल-सब्जी, दुग्ध व मुर्गी पालक किसानों की समस्याओं को भी उठाने का निर्णय लिया गया। संगठनात्मक रूप से 3.5 लाख किसानों को सदस्य बनाने, 30 जिला सम्मेलन व 200 प्रखंड सम्मेलनों के आयोजन का लक्ष्य तय किया गया। अगस्त 2026 में एक लाख से अधिक किसानों की विशाल रैली आयोजित करने पर भी विचार किया गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए महासचिव राजा राम सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याएं प्रकृति नहीं बल्कि नीतियों की देन हैं।

खेती और जमीन किसानों के हाथ में रहेगी तभी देश की खाद्य व पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित होगी। बैठक के अंत में शिवसागर शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।बैठक में राज्य कार्यकारिणी के 50 सदस्यों के साथ राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड राजा राम सिंह (सांसद, काराकाट) एवं राष्ट्रीय संगठन सचिव कॉमरेड सुदामा प्रसाद सांसद,आरा जितेंद्र यादवराज्य सह सचिव सह मुजफ्फरपुर जिला सचिव अखिल भारतीय किसान महासभा आदि शामिल हुए।

