
बक्सर, 31 जनवरी (विक्रांत) बक्सर जिला प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अभियोजन व्यवस्था को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। आज दिनांक 31 जनवरी 2026 को जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में अभियोजन की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्वरित विचारण एवं सामान्य अभियोजन मामलों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 में त्वरित विचारण के तहत जघन्य अपराध के 2 वाद, शस्त्र अधिनियम के 2 वाद तथा एनडीपीएस अधिनियम के 2 वादों सहित कुल 6 मामलों में सजा दिलाई गई। वहीं सामान्य वादों के अंतर्गत जघन्य अपराध के 19, शस्त्र अधिनियम के 48, पॉक्सो अधिनियम के 10, एससी-एसटी एक्ट के 1 तथा उत्पाद अधिनियम के 329 मामलों का निष्पादन किया गया।समीक्षा के दौरान विशेष लोक अभियोजक उत्पाद अधिनियम श्री अवधेश राय ने बताया कि चर्चित मुरार थाना कांड संख्या 10/2022 में सुनवाई पूरी हो चुकी है।

त्वरित विचारण के तहत 7 मामलों में अभियुक्तों के फरार हो जाने के कारण सजा नहीं सुनाई जा सकी है। न्यायालय द्वारा इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है और अभियुक्तों की गिरफ्तारी होते ही सजा सुनाई जाएगी।जिला पदाधिकारी ने सभी लोक अभियोजकों और अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक मामलों का शीघ्र निष्पादन कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि अपराधियों में भय और समाज में कानून का भरोसा कायम हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अभियोजन कार्यों में हर संभव सहयोग देगा।बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, जिला अभियोजन पदाधिकारी, अनुमंडलीय अभियोजन पदाधिकारी, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

