
पटना, 03 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामे और तीखी नोकझोंक के साथ हुई। सत्र शुरू होते ही विपक्षी दलों के विधायक अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर बोलने के लिए समय की मांग करने लगे। सदन में शोर-शराबा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप किया और विपक्ष को शून्य काल में बोलने का आश्वासन दिया। इसके बाद सदन का माहौल कुछ हद तक शांत हुआ।हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही शपथ ग्रहण से शुरू हुई।

मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने सबसे पहले शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान अनंत सिंह मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए हाथ जोड़कर कुछ देर तक खड़े नजर आए, जो सदन में चर्चा का विषय बना।इसके बाद सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षक स्थानांतरण और उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 1 लाख 27 हजार 240 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। साथ ही बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं। शेष प्रखंडों में कॉलेज खोलने के लिए जिलाधिकारियों से भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है। सरकार ने अगले चार वर्षों में सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा है।

हालांकि, विपक्ष ने शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप था कि कई शिक्षकों को 300 से 500 किलोमीटर दूर भेजा गया है, जिससे खासकर महिला शिक्षकों को भारी परेशानी हो रही है।इसी दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का एलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार में खनन माफियाओं का अब खैर नहीं है। ओवरलोडिंग रोकने के लिए उड़न दस्ता टीम बनाई जाएगी। साथ ही बड़े ओवरलोड वाहनों का वीडियो भेजने पर 10 हजार और ओवरलोड ट्रैक्टर के वीडियो पर 5 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई।बजट सत्र के पहले ही दिन हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप और बड़े एलानों ने यह साफ कर दिया कि आने वाले दिन सदन में काफी गरम रहने वाले हैं।
















