
पटना, 19 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के तहत सातवें निश्चय “सबका सम्मान – जीवन आसान (Ease of Living)” को जमीन पर उतारने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के निर्देशों के आलोक में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

इसी क्रम में जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय पदाधिकारी नियमित रूप से आमजन से संवाद स्थापित करें, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान हो सके। निर्देशों के अनुपालन में विभाग के सभी मुख्य अभियंता (यांत्रिक सहित), अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।इन निर्धारित दिनों में ग्राम पंचायत से लेकर थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में नागरिक सीधे संबंधित पदाधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायतें और समस्याएं रख सकेंगे। प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।निर्देशों के अनुसार सभी पदाधिकारी आमजन से सम्मानपूर्वक, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ संवाद करेंगे तथा समस्याओं को गंभीरता से सुनेंगे।

यदि किसी अपरिहार्य कारणवश अधिकारी उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि नागरिकों से मुलाकात करेंगे।जल संसाधन विभाग द्वारा यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आम लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

