पटना, 6 सितंबर (अशोक “अश्क”) अमेरिका अगले साल यानी 2026 में G-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, लेकिन इस आयोजन से पहले ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि यह वैश्विक सम्मेलन मियामी के पास स्थित उनके डोराल गोल्फ क्लब में आयोजित किया जाएगा।

यह घोषणा ट्रंप ने खुद की, जिसमें उन्होंने कहा, “मुझे लगता है डोराल सबसे बढ़िया जगह है।” हालांकि, इस बयान के साथ ही विरोध की आवाजें भी उठने लगी हैं। ट्रंप पर सरकारी आयोजन के जरिए अपने निजी व्यवसाय को लाभ पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं।
G-20 एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें 19 देश, यूरोपीय यूनियन और अब अफ्रीकन यूनियन भी शामिल हैं। हर साल इसका शिखर सम्मेलन किसी एक सदस्य देश में आयोजित किया जाता है। इस साल का सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 22-23 नवंबर 2025 को आयोजित होगा, जिसमें अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भाग लेंगे क्योंकि ट्रंप ने इस बार हिस्सा न लेने का फैसला किया है।
लेकिन अगले साल जब अमेरिका मेज़बान होगा और आयोजन स्थल ट्रंप का निजी गोल्फ क्लब होगा, तो सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हितों का टकराव (Conflict of Interest) नहीं है? ऐसा इसलिए भी क्योंकि इस आयोजन से ट्रंप की कंपनी को होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं के जरिए बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है।
इस विवाद पर व्हाइट हाउस का कहना है कि G-20 सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं और प्रतिनिधियों के रहने और खाने-पीने का खर्च अमेरिकी सरकार नहीं उठाएगी। बल्कि यह जिम्मेदारी आयोजन स्थल यानी डोराल क्लब की होगी। लेकिन आलोचक मानते हैं कि सरकारी स्तर पर इतनी बड़ी वैश्विक बैठक का ट्रंप की संपत्ति पर आयोजित होना, नैतिकता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
भारत ने 2024 में G-20 सम्मेलन की सफल मेजबानी की थी। नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में कई वैश्विक नेताओं की मौजूदगी रही और भारत की कूटनीतिक क्षमता की जमकर सराहना हुई। अब अमेरिका की बारी है, लेकिन आयोजन स्थल को लेकर पहले ही राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
ट्रंप पहले भी अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सरकारी कार्यक्रमों को अपने व्यवसायिक स्थलों पर आयोजित करने के चलते विवादों में घिर चुके हैं। ऐसे में G-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन को निजी संपत्ति पर कराने का निर्णय आने वाले महीनों में अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
हालांकि अमेरिका में 2026 में होने वाले इस सम्मेलन की तारीखों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, लेकिन यह तय है कि ट्रंप के डोराल क्लब को लेकर विवाद आने वाले दिनों में और गहराएगा।

