पटना 29अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार की राजधानी पटना में हुए बहुचर्चित कैश कांड में एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। ग्रामीण कार्य विभाग के सस्पेंडेड सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विनोद कुमार राय की गिरफ्तारी के बाद अब उनकी पत्नी बबली राय भी आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के राडार पर आ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, बबली राय की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। ईओयू ने कोर्ट से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी हासिल कर लिया है।

21 अगस्त की रात पटना के भूतनाथ रोड स्थित इंजीनियर विनोद राय के आवास पर EOU ने छापेमारी की थी। इस दौरान विनोद राय और उनकी पत्नी बबली राय ने घर में रखी भारी मात्रा में नकदी को जलाने की कोशिश की। इसके बावजूद EOU की टीम ने 39.50 लाख रुपये नकद, 12.50 लाख रुपये के अधजले नोट, 26 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने, 6 लाख रुपये की महंगी घड़ियां, 18 प्लॉटों के रजिस्ट्री डीड, 15 बैंक खातों की डिटेल और कई बीमा पॉलिसी बरामद की।
EOU की जांच में सामने आया है कि छापेमारी के दौरान बबली राय ने जांच दल को रोकने की कोशिश की और सबूत मिटाने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय मुद्रा को जलाया और घर की नालियों में नोट ठूंस दिए, जिससे निकासी लाइनें जाम हो गईं। इसके लिए नगर निगम की मदद लेनी पड़ी। जांच में यह भी पता चला कि बबली राय के नाम पर कई संपत्तियां और बैंक खाते हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
ईओयू ने कोर्ट में बबली राय की गिरफ्तारी की मांग की थी, जिसे मंजूरी दे दी गई। उन पर IPC की कई धाराओं के तहत केस दर्ज है, जिनमें सबूत मिटाना, सरकारी कार्य में बाधा डालना और करेंसी जलाना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। फिलहाल बबली राय फरार बताई जा रही हैं और EOU की टीमें पटना, समस्तीपुर और अन्य ठिकानों पर उनकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
बबली राय न सिर्फ विनोद राय की पत्नी हैं, बल्कि मामले में एक अहम किरदार के रूप में सामने आई हैं। जांच में उनके खिलाफ सबूत मिटाने और आर्थिक अनियमितताओं में शामिल होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। इसके अलावा छापेमारी में बरामद पांच डायरियां और पेन ड्राइव इस घोटाले की गहराई को उजागर कर सकती हैं। EOU के डीजी नैयर हसनैन खान के अनुसार, आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।
पटना कैश कांड ने एक बार फिर भ्रष्टाचार पर बहस को हवा दे दी है, और अब सभी की निगाहें बबली राय की गिरफ्तारी और आगे की जांच पर टिकी हुई हैं।

