
पटना, 31 जनवरी, (अविनाश कुमार) बिहार के छपरा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक मां की मौत के बाद न रिश्तेदार आगे आए, न पड़ोसी और न ही समाज का कोई व्यक्ति। मजबूरी और साहस की मिसाल पेश करते हुए दो बेटियों ने खुद अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया, श्मशान घाट तक ले गईं और स्वयं मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। इस हृदयविदारक घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह घटना छपरा से करीब 22 किलोमीटर दूर मढ़ौरा प्रखंड के जवैनिया गांव की बताई जा रही है। गांव की रहने वाली बबीता देवी का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। मां की मौत के बाद दोनों बेटियां उम्मीद लगाए बैठी थीं कि गांव और रिश्तेदार अंतिम संस्कार में साथ देंगे, लेकिन पूरा गांव खामोश रहा।बताया जाता है कि बेटियां अर्थी के लिए मदद मांगती रहीं। हाथ जोड़कर लोगों से गुहार लगाई, लेकिन कोई आगे नहीं आया। काफी देर बाद दो-तीन लोग पहुंचे, तब जाकर बेटियों समेत चार कंधों पर अर्थी उठी और श्मशान घाट तक पहुंची। वहीं बेटियों ने रोते-बिलखते अपनी मां को मुखाग्नि दी।परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है।

बबीता देवी के पति रविंद्र सिंह का डेढ़ साल पहले निधन हो चुका था। तब से मां और बेटियां किसी तरह गुजर-बसर कर रही थीं। अब मां के जाने के बाद दोनों बेटियां बिल्कुल अकेली रह गई हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अत्यधिक गरीबी के कारण परिवार समाज से कटता चला गया। बेटियां अब प्रशासन और समाज से मदद की गुहार लगा रही हैं, ताकि तेरहवीं और अन्य रस्में पूरी कर सकें।

