बक्सर, 21 सितंबर (विक्रांत) जब कोई बेटा समाज को अपना परिवार मान ले, तो उसके लिए दिन-रात का फर्क मिट जाता है। ऐसी ही भावना के साथ उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य एवं एकल शिक्षा विद्यालय अभियान के संयोजक सत्येंद्र बारी बीनू ने अब तक 700 से अधिक बैठकों और 70 जिलों के प्रवास के माध्यम से बारी समाज की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। यह बातें सर्वेश कुमार ने विफोर प्रिंट डिजीटल संवाददाता से बातचीत में कही।

सर्वेश ने कहा कि यह साधारण उपलब्धि नहीं है कि कोई व्यक्ति रोजाना 60 से 70 समस्याओं का त्वरित समाधान कर हर दुखी-पीड़ित को राहत पहुंचाए। यह जज्बा समाज के उत्थान और एकता की भावना से प्रेरित है। सत्येंद्र की कार्यशैली ने साबित किया है कि समाज केवल नारों से नहीं, बल्कि संघर्ष और सेवा से उन्नति करता है।
सत्येंद्र बीनू का सपना केवल समस्याओं का निवारण करना नहीं, बल्कि समाज के हर बेटे-बेटी के दिल में आत्मविश्वास और जागरूकता की मशाल जलाना है। वह संदेश देते हैं कि बारी समाज अब चुप नहीं बैठेगा, बल्कि अपने हक और सम्मान की लड़ाई सकारात्मक सोच और एकजुटता के साथ लड़ेगा।
सर्वेश ने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता है और जब यह जागृत होगी, तो कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकेगी। यह नई ऊर्जा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और संघर्ष का आधार बनेगी।

