नई दिल्ली, 22 नवम्बर (अशोक “अश्क”) एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए प्रदूषण-नियंत्रण उपायों को और कड़ा कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब दिल्ली की हवा लगातार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

GRAP पूरे एनसीआर के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जो औसत दैनिक AQI और मौसम के अनुमान पर आधारित है। इसका उद्देश्य है कि हवा की गुणवत्ता खराब होने पर विभिन्न एजेंसियां, विभाग और अधिकारी समन्वित ढंग से कार्रवाई करें। CAQM ने GRAP के पहले 4 चरणों की जगह अब सिर्फ 3 चरणों—स्टेज I, II और III—को लागू किया है। स्टेज IV को प्रोटोकॉल से हटा दिया गया है। इसका अर्थ है कि AQI 401–450 के बीच होने पर पहले स्टेज IV के तहत लागू सख्त उपाय अब स्टेज III में ही लागू होंगे।
नए बदलावों में स्टेज-II के कई उपाय स्टेज-I (‘Poor’, AQI 201–300) में शामिल किए गए हैं। इनमें बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना, ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में अतिरिक्त स्टाफ, मीडिया के माध्यम से प्रदूषण अलर्ट, और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे CNG/इलेक्ट्रिक बसें व मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाना शामिल हैं।
स्टेज-III (‘Very Poor’, AQI 301–400) में पहले के कुछ उपाय जैसे सरकारी और नगर निगम कार्यालयों का समय बदलना अब लागू होंगे। इसके साथ ही दिल्ली और एनसीआर के सरकारी व निजी दफ्तरों में 50% स्टाफ को घर से काम करने की अनुमति देने का विकल्प भी दिया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए आरडब्ल्यूए को 10,000 इलेक्ट्रिक हीटर बांटे जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोयला और लकड़ी जलाने से बचें और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। अच्छे प्रदर्शन करने वाले आरडब्ल्यूए को सम्मानित भी किया जाएगा।
यह कदम दिल्ली सरकार और CAQM की प्रदूषण नियंत्रण में सख्त रुख और समन्वित प्रयासों को दर्शाता है।

