नई दिल्ली, 22 सितम्बर (अशोक “अश्क”) एशिया कप 2025 में भारत ने रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए सुपर-4 मुकाबले में पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार चित कर दिया। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में अपनी विजय यात्रा को जारी रखा है। अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी इस जीत की नींव बनी, जिसने पाकिस्तान के गेंदबाजों को बैकफुट पर ला दिया।

इस मुकाबले में जीत के साथ भारत को सुपर-4 में दो अंक मिले हैं और टीम का नेट रन रेट +0.689 हो गया है। इस जीत ने न केवल भारत को तालिका में ऊपर पहुंचाया है, बल्कि फाइनल में प्रवेश की राह भी आसान कर दी है।
इससे पहले भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में तीनों मुकाबले जीतकर ग्रुप-ए में टॉप स्थान हासिल किया था। लीग स्टेज में भी भारत ने पाकिस्तान को हराया था और अब सुपर-4 में भी उसे शिकस्त देकर भारत ने अपनी मानसिक और रणनीतिक बढ़त को साबित कर दिया है।
भारत ने सुपर-4 में अब तक एक ही मुकाबला खेला है और उसके पास अभी दो मैच बाकी हैं 24 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ और 26 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ। सुपर-4 चरण में सभी टीमें तीन-तीन मैच खेलेंगी। ऐसे में भारत अगर बांग्लादेश या श्रीलंका में से किसी एक को भी हरा देता है तो उसका फाइनल में स्थान लगभग तय हो जाएगा।
इस स्थिति में भारत को किसी अन्य टीम के नतीजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। फाइनल के लिए क्वालीफिकेशन की सारी स्थिति टीम इंडिया के अपने हाथ में होगी। हालांकि, यदि भारत को बाकी दोनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ता है, तो उसे फाइनल में पहुंचने के लिए दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर रहना होगा।
सूर्यकुमार यादव ने कप्तान के रूप में एक बार फिर खुद को साबित किया है। उन्होंने खिलाड़ियों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और दबाव के पलों में भी संतुलन बनाए रखा। गेंदबाजों ने जहां सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की, वहीं बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा संयम और आक्रामकता के संतुलन से किया।
अगर भारत अपने अगले किसी एक मैच में जीत दर्ज करता है, तो उसकी फाइनल में जगह पक्की हो जाएगी। वहीं, यदि टीम दोनों मैच हार जाती है, तब नेट रन रेट और अन्य टीमों के परिणाम अहम भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल, भारत के प्रदर्शन ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि वह एशिया कप 2025 का प्रबल दावेदार है और फाइनल में उसकी उपस्थिति लगभग तय मानी जा रही है।

