नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) पाकिस्तान का झूठ एक बार फिर बेनकाब हो गया है। हाल ही में पाकिस्तान ने दावा किया था कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान उसने भारत के राफेल लड़ाकू विमान को मार गिराया और एक भारतीय पायलट को पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर फैलाई गई फर्जी खबरों में यह तक कहा गया कि भारतीय वायुसेना की राफेल पायलट स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी सिंह को हिरासत में लिया गया है। लेकिन बुधवार को इन अफवाहों का सच सामने आ गया, जब शिवांगी सिंह अंबाला एयरबेस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिखाई दीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला वायुसेना स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी। उड़ान लगभग 30 मिनट तक चली, जिसमें विमान ने 200 किलोमीटर का दायरा तय किया। इस उड़ान के दौरान राफेल समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा और इसकी अधिकतम गति 700 किलोमीटर प्रति घंटा रही। विमान को ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी, जो 17वीं स्क्वॉड्रन “गोल्डन एरोज” के कमांडिंग ऑफिसर हैं, ने उड़ाया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने उड़ान से पहले G-सूट पहना और 11:27 बजे विमान में सवार होकर उड़ान भरी। रवाना होने से पहले उन्होंने विमान के अंदर से हाथ हिलाकर सभी को अभिवादन किया। राष्ट्रपति को एयरबेस पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस उड़ान के दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने भी उनकी सुरक्षा के लिए एक अन्य विमान से उड़ान भरी।
स्क्वॉड्रन लीडर शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला राफेल पायलट हैं। वर्ष 2015 में उन्हें फाइटर पायलट रैंक में शामिल किया गया था। वह लगभग दो दशकों से भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रही हैं। शिवांगी सिंह ने फ्रांस निर्मित सिंगल-सीटर राफेल उड़ाने का गौरव प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला होने का इतिहास भी रचा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी थी, और वह ऐसा करने वाली तीसरी भारतीय राष्ट्रपति बनी थीं। इससे पूर्व डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल भी सुखोई विमान में उड़ान भर चुके हैं।
भारत को फ्रांस से मिले राफेल विमानों को सितंबर 2020 में अंबाला एयरबेस पर वायुसेना में शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल जेट 17वें स्क्वॉड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में शामिल हुए थे। यह वही स्क्वॉड्रन है, जिसके पायलटों ने एक बार फिर पाकिस्तान के झूठ को हवा में उड़ा दिया है।

