नई दिल्ली, 23 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) फिल्म बनाने का जुनून कभी-कभी इंसान को ऐसी हदों तक ले जाता है, जिसकी कल्पना मुश्किल है। साल 2000 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस फिल्म को अभिनेता-निर्देशक राकेश रोशन ने अपने बेटे ऋतिक रोशन को लॉन्च करने के लिए बनाया था। 10 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 80 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर इतिहास रच दिया था। फिल्म ने 92 अवॉर्ड जीतकर उस दौर की सबसे सफल फिल्म का खिताब हासिल किया।

यह एक म्यूजिकल रोमांटिक एक्शन-थ्रिलर थी, जिसमें ऋतिक रोशन और अमीषा पटेल ने डेब्यू किया। राकेश रोशन ने फिल्म के निर्देशन, कहानी और प्रोडक्शन की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली। फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर राजेश रोशन थे और गाने सुपरहिट साबित हुए। राकेश रोशन ने बताया था कि फिल्म बनाने के दौरान उन्होंने अपना बंगला तक गिरवी रख दिया था ताकि शूटिंग न्यूजीलैंड और थाईलैंड जैसे विदेशी लोकेशनों पर हो सके।
दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में यह फिल्म शाहरुख या आमिर खान को लेकर बनाई जानी थी, लेकिन बाद में स्क्रिप्ट सुनने के बाद सबने तय किया कि इसमें नया चेहरा होना चाहिए और इस तरह ऋतिक की एंट्री हुई। वहीं, करीना कपूर को शुरू में हीरोइन चुना गया था, मगर शूटिंग से तीन दिन पहले उनकी मां बबीता और राकेश रोशन के बीच मतभेद के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी। इसके बाद अमीषा पटेल को मौका मिला।
अमीषा ने बताया था कि जब वह 13 साल की थीं, तब राकेश रोशन ने उनके पिता से कहा था कि वह अपने बेटे की पहली फिल्म में उनकी बेटी को हीरोइन बनाएंगे और उन्होंने 10 साल बाद यह वादा निभाया।
फिल्म की रिलीज़ के बाद ऋतिक रातोंरात स्टार बन गए। राकेश रोशन ने बताया कि सफलता देखकर वे भावुक होकर रो पड़े थे। उन्होंने कहा, “मैंने पापा को पहली बार खुशी में रोते देखा। उस पल लगा कि हमारी मेहनत रंग लाई।”

