नई दिल्ली, 1 सितम्बर (अशोक “अश्क”) कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने देश के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सीजेआई के एसआईआर (मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण) मामले को खुद न सुनने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गवई जी मिनी अंबेडकर बन सकते थे, लेकिन समय तेजी से भाग रहा है। उदित राज ने चेतावनी दी कि अगर अभी कुछ किया गया तो ठीक है, नहीं तो उनका अंत मायावती की तरह होगा।

दिल्ली से भाजपा के टिकट पर सांसद रह चुके उदित राज ने एक्स से बातचीत में कहा, “जब गवई जी सीजेआई नहीं बने थे तो लोगों को उम्मीद थी कि पहली बार एक अम्बेडकराइट चीफ जस्टिस बनेंगे। हालात खराब होने के कारण हमें उनसे सुधार की आशा थी। मौका मिला और वे मिनी अंबेडकर बन सकते थे, लेकिन अब समय तेजी से निकल रहा है। एसआईआर मामले को खुद सुनना चाहिए था, यह लोकतंत्र बचाने का मुद्दा है। अगर अभी कुछ नहीं किया तो अंत मायावती की तरह होगा।”
बीआर गवई मई 2025 में देश के 52वें चीफ जस्टिस बने थे और उनका कार्यकाल छह महीने का है, जो नवंबर 2025 में समाप्त होगा। वे अनुसूचित जाति से आने वाले दूसरे चीफ जस्टिस हैं। इससे पहले केजी बालाकृष्णन इसी वर्ग से थे।
उल्लेखनीय है कि बिहार में मतदाता सूचियों के एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस, राजद समेत कई विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है और जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने सुनवाई चल रही है। कांग्रेस नेता उदित राज ने चीफ जस्टिस के इस मामले को खुद न सुनने को लेकर कड़ी आलोचना की है।

