
नई दिल्ली, 06 फरवरी (अशोक “अश्क”) सरकार की हेल्थ कार्ड योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। इस योजना के तहत एक बार सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने पर यह कार्ड पूरे तीन साल तक मान्य रहता है और किसान इस अवधि में इसके फायदे आसानी से उठा सकते हैं। इस कार्ड की मदद से किसान अपनी खेत की मिट्टी की जांच बिल्कुल मुफ्त करा सकते हैं, साथ ही विशेषज्ञों से जरूरी सलाह भी प्राप्त होती है।बेहतर खेती के लिए मिट्टी की गुणवत्ता का अच्छा होना बेहद जरूरी है।

अगर मिट्टी उपजाऊ हो और उसमें संतुलित पोषक तत्व मौजूद हों, तो फसलें मजबूत होती हैं और पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। मिट्टी की सही जानकारी रखकर और उचित उपाय अपनाकर किसान अपनी खेती की लागत को काफी हद तक कम कर सकते हैं।सॉइल हेल्थ कार्ड योजना किसानों को मिट्टी की पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराती है, जिसमें पोषक तत्वों की सटीक जानकारी दर्ज रहती है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि खेत को किस प्रकार की खाद की जरूरत है। यही नहीं, यह कार्ड भविष्य की फसल योजना बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।इस योजना की जानकारी एग्रीकल्चर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है।

सॉइल हेल्थ कार्ड से किसान मिट्टी का पुराना रिकॉर्ड भी सुरक्षित रख सकते हैं, जिससे आने वाले समय में खेती की रणनीति तय करना आसान हो जाता है। संतुलित खाद उपयोग और बेहतर मिट्टी प्रबंधन से उत्पादकता बढ़ती है और किसान आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाते हैं। यह योजना किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने, आमदनी बढ़ाने और लंबे समय तक टिकाऊ कृषि की राह दिखाती है। देश भर में बदलाव ला है।

