पूर्णिया,13 सितंबर (राजेश कुमार झा) वर्षों से बाढ़ आपदा का दंश झेल रहे सीमांचल के किसानों के लिए कोसी मेची लिंक सबसे बड़ी उपलब्धि साबित होगी. माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आगामी 15 सितंबर को पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल के किसानों को कोसी मेची लिंक की सौगात देंगे.बिफोरप्रिंट डिजिटल ने कोसी मेची लिंक को लेकर जिले का कई प्रबुद्ध किसानों से बातचीत की और उनसे कोसी मेची लिंक के बारे में जानने की कोशिश की.

बताते चलें कि पूर्णिया सहित पूरा सीमांचल वर्षों से आपदा की मार झेल रहा है.जिस कारण यहां की उपजाऊ मिट्टी होने के बावजूद यहां के किसान अच्छी फसल नहीं उगा पा रहे है.जिस वजह से श्रमिकों को अपने परिवार चलाने के लिए बिहार से बाहर पलायन करना पड़ता है. जिससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित देश के कई बड़े राज्य आज बिहार से काफी खुशहाल है.लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. बताते चलें कि कोसी मेची लिंक के बनने से सीमांचल के तकरीबन दो लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन को बाढ़ आपदा से मुक्ति मिल जाएगी. जिससे यहां के किसान एवं श्रमिकों काफी खुशहाल हो जाएंगे.
श्रमिकों को अपना परिवार चलाने के लिए बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.यहां के किसान बाढ़ आपदा के डर से एवं श्रमिकों की कमी की वजह से किसी तरह दो फसल उगाने की हिम्मत करते है.लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

क्योंकि कोसी मेची लिंक बनने के बाद यहां के किसान कम से कम तीन फसल तो जरूर ही लेंगे.जिस वजह से यहां के श्रमिकों को बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.इस मामले को लेकर बिफोरप्रिंट डिजिटल बायसी अनुमंडल एवं रूपौली प्रखंड के दर्जनों किसानों एवं श्रमिकों से बातचीत की.किसानों एवं श्रमिकों ने कहा कि कोसी मेची लिंक के हो जाने से बिहार भी पंजाब,हरियाणा,महाराष्ट्र जैसा खुशहाल हो जाएगा.श्रमिकों ने कहा कि बाढ़ आपदा के कारण हमलोग मजबूरी में अपना घर परिवार छोड़कर दूसरे राज्य जाते है.क्योंकि दूसरे राज्यों में बाढ़ आपदा का डर नहीं रहता है.जिससे वहां सालों भर कमाई होते रहती है.अगर यहां कोसी मेची लिंक बनने से बाढ़ आपदा से मुक्ति मिल जाएगी तो यहां श्रमिकों के रोजगार भी बढ़ेगा.जिससे यहां के श्रमिकों को बाहर दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा.

