
फार्मर रजिस्ट्री योजना को लेकर जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन:-पूर्णिया:-28 फरवरी(राजेश कुमार झा)भारत सरकार द्वारा संचालित एग्रीस्टैक (Agristack) योजना के अंतर्गत आज जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) सभागार में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अपर समाहर्ता (राजस्व) शामिल हुए! साथ ही वरीय उप समाहर्ता,जिला कृषि पदाधिकारी,उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण)सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी (CO) सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी (RO) कृषि समन्वयक,प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM),स्पेशल सर्वे अमीन,सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) और किसान सलाहकार भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे.प्रशिक्षण के दौरान अपर समाहर्ता (राजस्व) ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए मिशन मोड में कार्य करने के लिए प्रेरित किया.उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व और कृषि विभाग के सभी कर्मी आपस में प्रभावी समन्वय (Coordination) स्थापित करें ताकि पूर्णिया जिला इस महत्वपूर्ण डिजिटल मील के पत्थर को समय पर हासिल कर सके.अपर समाहर्ता ने अगले 10 से 15 दिनों के भीतर 50% PM-KISAN लाभार्थियों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.उन्होंने हल्का कर्मचारी और RO/CO स्तर पर लंबित (Pending) FR ID को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन करने तथा वर्क-फ्लो मॉड्यूल के माध्यम से सभी बाधाओं को दूर करने पर विशेष जोर दिया.वहीं जिला कृषि पदाधिकारी ने एग्रीस्टैक (AgriStack) की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस नई प्रणाली फार्मर रजिस्ट्री एवं क्रॉप रजिस्ट्री (डिजिटल क्रॉप सर्वे) का मुख्य उद्देश्य भूमि, फसल और किसान के बीच एक सीधा और पारदर्शी संबंध स्थापित करना है. कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फार्मर रजिस्ट्री के विभिन्न मॉड्यूल,राजस्व कर्मी के ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया,पेंडिग वर्क फ्लो मॉड्यूल और तकनीकी बारीकियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया.अधिकारियों ने साझा किया कि इस डिजिटल डेटाबेस के सफलतापूर्वक तैयार होने से भविष्य में किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा,जिससे जिले की कृषि व्यवस्था को एक नई दिशा प्राप्त होगी.अब तक जिले में 1,84,000 (एक लाख चौरासी हजार) से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री (FR ID) सफलतापुर्वक तैयार की जा चुकी है,और जिला लगातार तीसरे स्थान में बना हुआ है.इस प्रशिक्षण के उपरांत त्वरित गति और नए ऊर्जा से कार्य को करते हुए जल्द ही लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया गया.

