पटना, 01 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार के छपरा जिले में सोमवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से विशुनपुर गांव जाग उठा। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पुलिस और कुख्यात अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ़ शिकारी राय के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शिकारी राय पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि एक एसआई भी झड़प में जख्मी हुआ। घायल अपराधी को कड़ी सुरक्षा के बीच सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सूत्रों के अनुसार, शिकारी राय हत्या, लूट, रंगदारी और कई संगीन अपराधों के मामलों में वांछित था। रविवार को पुलिस लाइन के पास हुए आज़ाद सिंह हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।
STF और सारण पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे गड़खा से धर-दबोचा था। पूछताछ में उसने हथियार विशुनपुर गांव के एक बगीचे में छिपाने की बात कबूल की। टीम उसे बरामदगी के लिए मौके पर ले गई। लेकिन जैसे ही पुलिस ने झाड़ियों से हथियार निकालने को कहा, शिकारी राय ने अचानक पिस्तौल तानकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने तुरंत पोज़िशन संभालते हुए जवाबी फायर किया। इस दौरान गोली उसकी टांग में लगी और वह गिर पड़ा। मौके से दो पिस्टल और तीन मैग्जीन बरामद की गईं। पुलिस ने स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाकर इलाके को सुरक्षित किया।
ASP राम पुकार सिंह ने बताया कि अपराधी ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन टीम की बहादुरी से बड़ा हादसा टल गया। शिकारी राय की हालत खतरे से बाहर है। साथ ही पुलिस उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
छपरा में यह मुठभेड़ एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस और अपराध जगत की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई—और शिकारी राय जैसे अपराधी कानून की गिरफ्त से बच नहीं पाएंगे।

