नई दिल्ली, 22 सितम्बर (अशोक “अश्क”) कुमार सानू, जो ‘आशिकी’ जैसी हिट फिल्म से रातोंरात स्टार बने, उनकी पर्सनल लाइफ भी उतनी ही चर्चा में रही है, जितनी उनके गाने। उनकी शादीशुदा जिंदगी, अफेयर्स, और बच्चों के बारे में खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। हाल ही में, एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कुमार सानू की पहली पत्नी के बारे में कई खुलासे किए थे, लेकिन अब खुद रीटा भट्टाचार्य ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और सिंगर के साथ अपनी जिंदगी के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला है।

रीटा भट्टाचार्य, जिनसे कुमार सानू का तलाक हुआ था, ने ‘फिल्म विंडो’ को दिए इंटरव्यू में अपने जीवन के कड़े अनुभवों और कुमार सानू के साथ अपने रिश्ते के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि वह इतने सालों तक चुप क्यों रही थीं। रीटा ने कहा, “मेरे ऊपर बहुत जिम्मेदारियां थीं, तीन छोटे बच्चे थे। जब हम अच्छे वक्त में थे, तब मुझे लगा था कि हमारी जिंदगी संजीवनी है। लेकिन अचानक जब उन्होंने मुझे कोर्ट में तलाक देने के लिए ले गए, तब मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई।”
रीटा के मुताबिक, जब कुमार सानू ने उनका नाम बदनाम करने की कोशिश की, तो वह चुप रहीं। “उन्होंने मेरे बेटे जान के बारे में बिग बॉस में जाकर नालायक कहा था, जबकि वह खुद कभी जान के पास नहीं थे। मैंने तब भी उनका सम्मान बनाए रखा।” रीटा ने आगे कहा, “जब कुमार सानू ने जान के बारे में सोशल मीडिया पर वीडियो डाला, तो भी मैंने जवाब नहीं दिया। लेकिन अब 32 साल बाद, उनका बोलना और हंसी मजाक मुझे सहन नहीं हो रहा था।”
रीटा ने सिंगर के बारे में खुलकर कहा, “कुमार सानू के बारे में जितना कम बात किया जाए उतना ही बेहतर है। वह एक अच्छे सिंगर हैं, लेकिन इंसान के रूप में उनका जो बर्ताव था, वह कभी अच्छा नहीं था।”
जब उनसे पूछा गया कि वह और कुमार सानू पहली बार मिले थे, तो रीटा ने बताया, “हम लोग कोलकाता में मिले थे और 18 नवंबर, 1986 को शादी हुई थी। बाद में हम मुंबई आए थे। सानू जी उस वक्त बिल्कुल भी एंबिशियस नहीं थे, न ही उन्हें कोई उद्देश्य था।” रीटा के अनुसार, वह ही थीं जिन्होंने सानू को मुंबई आने के लिए प्रेरित किया और उनके करियर की दिशा तय करने में मदद की। “कुमार सानू को बनाने में मेरी भूमिका 99% थी, और 1% तो वह अच्छे सिंगर हैं, इसलिए उन्हें सफलता मिली,” रीटा ने कहा।
रीटा ने आगे बताया कि वह और सानू मुंबई में बेहद मुश्किल हालात में रहते थे, जहां उनका किराया सिर्फ 200 रुपये था। “हम झोपड़-पट्टी के ऊपर एक कमरे में रहते थे। हम दोनों ने एक साथ काफी संघर्ष किया, लेकिन सानू जी हमेशा अपनी फैमिली का नाम लेकर झूठ बोलते हैं कि उनका परिवार ही उन्हें मुंबई लेकर आया था,” रीटा ने आरोप लगाए।
यह खुलासा इस बात को और स्पष्ट करता है कि कुमार सानू की प्रसिद्धि की पीछे एक बहुत लंबा और कठिन संघर्ष छिपा हुआ था, और उनकी पहली पत्नी रीटा भट्टाचार्य का योगदान भी बेहद अहम था।

