
बक्सर, 26 जनवरी (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया।
इस अवसर पर माननीय कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने एनसीसी परेड की सलामी ली तथा राष्ट्रगान के साथ ध्वजारोहण किया। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति ने विश्वविद्यालय की बीते वर्षों की उपलब्धियों और भावी योजनाओं को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि देश आज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन युवा शक्ति के बल पर इन्हें अवसर में बदला जा सकता है।कुलपति ने कृषि को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि यह केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सामाजिक संरचना की रीढ़ है।

ऐसे में कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है और विश्वविद्यालय छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय कृषि विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्राकृतिक खेती पर आधारित पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं।

कुलपति के संबोधन के बाद विभिन्न विभागों और केंद्रों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गईं। “ऑपरेशन सिंदूर” आधारित सिंदूर की खेती की झांकी को प्रथम तथा कृषि विज्ञान केंद्र सबौर की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण झांकी को द्वितीय स्थान मिला। समारोह में भागलपुर के प्रतिष्ठित विद्यालयों के बच्चों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इस अवसर पर खेलकूद, शोध और शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए छात्रों, वैज्ञानिकों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। पूरे परिसर में तिरंगे की रोशनी से जगमगाहट और उत्सव का माहौल देर शाम तक बना रहा।

