
पटना, 22 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार की राजधानी पटना से सटे कोइलवर में बनने जा रही 1000 एकड़ की मेगा यूनिवर्सिटी का सपना फिलहाल चकनाचूर हो गया है। पटना के चर्चित शिक्षक खान सर ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि स्थानीय स्तर पर असहयोग और जमीन मालिकों की अत्यधिक मांगों के कारण उन्हें यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रद्द करना पड़ा है।खान सर का दावा है कि यह केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि ‘स्टूडेंट सिटी’ मॉडल था।

योजना के तहत एक ही कैंपस में 25,000 छात्रों के लिए हॉस्टल, अत्याधुनिक एकेडमिक ब्लॉक, रिसर्च सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मॉल तक की व्यवस्था प्रस्तावित थी। कैंपस को ‘नेट-जीरो’ मॉडल पर विकसित करने की तैयारी थी, जिससे बिजली और संसाधनों के लिए बाहरी निर्भरता न्यूनतम रहती।उन्होंने बताया कि एमबीए के छात्र कैंपस के भीतर मॉल और मैनेजमेंट संचालन की जिम्मेदारी संभालते, ताकि पढ़ाई के साथ वास्तविक व्यावसायिक अनुभव भी मिल सके। उनका कहना था कि इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी अपने आप में एक शहर का रूप ले लेती और आसपास के क्षेत्र का तेज़ी से विकास होता।

खान सर के अनुसार, शुरुआती दौर में कई जमीन मालिकों से बातचीत कर मार्केट रेट से अधिक कीमत पर सौदे तय किए गए थे। एडवांस भुगतान भी कर दिया गया था और करीब 10-15 एकड़ जमीन का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका था। लेकिन जैसे ही इलाके में यूनिवर्सिटी बनने की खबर फैली, जमीन की कीमतें अचानक कई गुना बढ़ गईं। आरोप है कि कुछ मालिकों ने तय कीमत पर रजिस्ट्रेशन से इनकार कर 8-10 गुना ज्यादा रकम की मांग शुरू कर दी।इस पूरे घटनाक्रम से मानसिक दबाव बढ़ने की बात कहते हुए खान सर ने साफ किया कि उन्हें प्रोजेक्ट स्थगित करना पड़ा। यहां तक कि अपने नाम पर रजिस्टर्ड जमीन भी बेचने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि वे किसी का पैसा नहीं रखते और न ही किसी को अपना पैसा रखने देते हैं।हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका सपना खत्म नहीं हुआ है। नई लोकेशन पर यूनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार स्थान गोपनीय रखा जाएगा। उनका कहना है कि पिछली बार जानकारी लीक होने से कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई। अब जमीन अलग-अलग नामों से खरीदकर बाद में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि प्रोजेक्ट सुरक्षित रह सके।

