सीवान, 9 अक्तूबर (निज संवाददाता) प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवान की अदालत ने जिले के तीन पुलिस पदाधिकारियों के वेतन से कटौती का आदेश एसपी को दिया है। इसमें तीन थानाध्यक्ष व अनुसंधानकर्ता के वे तन से क्रमशः 15 से 24 हजार काटने का आदेश दिया है। मिली जानकारी के अनुसार महाराजगंज थाने के थानाध्यक्ष व अनुसंधान करता रजनी कांत कुमार के वेतन मद से 24 हजार तथा जीबी नगर थानाध्यक्ष व कांड के अनुसंधान कर्ता निधि कुमारी के वेतन से 15 हजार की कटौती का आदेश किया है।

अदालत ने उपरोक्त राशि विधिक सेवा प्राधिकार के पीड़ित प्रतिकार कोष में पुलिस कप्तान के माध्यम से जमा कराए जाने का भी आदेश पारित किया है। जानकारी के अनुसार महाराजगंज थाना कांड संख्या 381/ 2025 में अग्रिम जमान याचिका कर्ता राहुल साह व थाना कांड 336/2025 में अग्रिम जमानत याचिका कर्ता कृष्णा साह की जमानत याचिका विगत कई तिथियों से केस डायरी के अभाव में सुनवाई लंबित था। अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी व कांड के अनुसंधान कर्ता को अभिलंब केस डायरी प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। कई बार रिमाइंडर के बाद भी अनुसंधानकर्ता द्वारा केस डायरी नहीं प्रस्तुत करने पर संबंधित थाने प्रभारी को भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था। बावजूद कई तिथियां पर संबंधित थाना प्रभारी एवं कांड के अनुसंधानकर्ता द्वारा गंभीरता नहीं दिखाया गया। जिससे बाध्य होकर न्यायालय ने उनके वेतन से प्रत्येक तिथियां के अनुसार निर्धारित राशि कुल योग लगभग 24000 वेतन मद से काटने का आदेश दिया है। आदेश के प्रति पुलिस कप्तान को न्यायालय द्वारा भेज दिया गया है। इसी प्रकार एक अन्य मामला जो जीबी नगर थाने में कांड संख्या 270 /2025 के अंतर्गत लंबित है,इसकी याचिका करता मीरा देवी से संबंधित केस डायरी की मांग न्यायालय द्वारा की गई थी। किंतु विगत 10 डेट बीतने के बाद भी कांड के अनुसंधानकर्ता द्वारा डायरी नही दी गई है। ना ही संबंधित थानाध्यक्ष द्वारा कोई स्पष्टीकरण किया गया। बाध्य होकर न्यायालय ने जीबी नगर थाना प्रभारी व कांड के अनुसंधान कर्ता निधि कुमारी पर प्रत्येक तिथियां के अनुसार कुल योग 15000 प्रत्येक पर आर्थिक दंड देते हुए उनके वेतन मद से काटने का आदेश पारित किया है। उपरोक्त सभी मामलों में पुलिस कप्तान को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से उपरोक्त तीनों मामलों में थानाध्यक्ष व अनुसंधान कर्ता को रिपोर्ट के साथ निर्धारित तिथि 17 अक्टूबर को न्यायालय में सदेह उपस्थिति होने का आदेश दिया है।

