पटना, 27 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार में कोसी नदी पर देश का सबसे लंबा सड़क पुल लगभग तैयार होने की कगार पर है। 10.2 किमी से अधिक लंबाई वाले इस महासेतु के निर्माण से न केवल राज्य का सड़क तंत्र मजबूत होगा, बल्कि यह देश के बुनियादी ढांचे में भी एक नई उपलब्धि जोड़ देगा।

फिलहाल असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बना भूपेन हजारिका सेतु देश का सबसे लंबा सड़क पुल है, जिसकी लंबाई 9.15 किमी है। नए पुल के तैयार होने के बाद बिहार यह रेकॉर्ड अपने नाम कर लेगा।राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजना के तहत बन रहे इस पुल का लक्ष्य कोसी क्षेत्र की भौगोलिक-नदीय बाधाओं को दूर कर विकास की नई राहें खोलना है। यह इलाका लंबे समय से बाढ़ और तटबंधों के कारण प्रभावित रहा है, जिससे परिवहन और व्यापार दोनों में बाधाएँ आती रही हैं। निर्माण एजेंसियों गैमन इंडिया और ट्रांस रेल लाइटिंग प्रा. लि. द्वारा किए जा रहे कार्य में अब तक 171 पिलरों में अधिकांश तैयार हो चुके हैं। कुल 170 स्पैन में से मधुबनी की ओर 76 और सुपौल की ओर 56 स्पैन पूरे कर लिए गए हैं। हालांकि 2024 में परियोजना पूर्ण होने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे पूरा होने में 12 से 18 माह और लगने की संभावना जताई जा रही है।पुल बनकर तैयार होने पर सुपौल और मधुबनी के बीच की दूरी 100 किमी से घटकर लगभग 70 किमी रह जाएगी। यह पुल सुपौल के बकौर और मधुबनी के भेजा के बीच बनाया जा रहा है, जो दोनों तटबंधों को सीधे जोड़ देगा। सामरिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों से कनेक्टिविटी और सुगम हो जाएगी। यह भारतमाला प्रोजेक्ट के पाँच प्रमुख पैकेजों में से एक है।

