नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर ट्रेड वॉर की आहट तेज़ हो गई है। चीन ने अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले रेयर अर्थ मिनरल्स पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले सभी उत्पादों पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है।

रेयर अर्थ मिनरल्स, जो अमेरिकी टेक्नोलॉजी और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं, में अमेरिका की निर्भरता चीन पर सबसे अधिक है। ट्रंप के इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका है।
चीन ने इसके जवाब में अमेरिकी सोयाबीन की खरीद अचानक बंद कर दी है। अमेरिका के किसानों के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि सोयाबीन अमेरिका की $60 बिलियन की इंडस्ट्री है और इसका सबसे बड़ा खरीदार चीन ही रहा है। इससे अमेरिकी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है।
चीन ने ब्राजील, अर्जेंटीना और पेरू जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों से वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। उधर, अमेरिका में किसान गुस्से में हैं और सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।
ट्रंप ने 1 नवंबर 2025 से चीन से आयातित सभी वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के साथ-साथ सभी क्रिटिकल सॉफ्टवेयर के निर्यात पर भी नियंत्रण लागू करने का ऐलान किया है।
अब सबकी निगाहें इसी महीने दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन पर हैं, जहां ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच संभावित बातचीत से तनाव कम हो सकता है।
हालात ये हैं कि अमेरिका में फसल रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन खरीदार नहीं। और चीन अब रणनीतिक रूप से ट्रंप के राजनीतिक आधार यानी किसानों को निशाना बना रहा है।

