चीन ने रूस को दिया आर्थिक साथ, भारत पर अमेरिकी दबाव से बढ़ी कूटनीतिक मुश्किलें

नई दिल्ली, 9 सितंबर (अशोक “अश्क”) चीन एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़ा दांव खेलता नजर आ रहा है। उसने रूसी ऊर्जा कंपनियों के लिए अपना बॉन्ड बाजार खोलने का फैसला लिया है, जबकि दूसरी ओर अमेरिका भारत को रूसी तेल आयात को लेकर लगातार चेतावनी और दंडात्मक टैक्स की मार दे रहा है। इस दोहरे रवैये पर दुनियाभर के विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं।


भारत को रूसी तेल की खरीद के कारण अमेरिका की सेकेंडरी सैंक्शन का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 50% तक कर दिया है। भारत पहले ही इस नीति को लेकर चिंता जाहिर कर चुका है, लेकिन अमेरिका अपने रुख पर अड़ा हुआ है।
वहीं, चीन, जो भारत से कहीं ज्यादा रूस के साथ व्यापार कर रहा है, उसे अमेरिका की ओर से कोई रोक नहीं लगाई गई है। यही नहीं, चीन अब रूस को आर्थिक रूप से और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन अब रूस को ‘पांडा बॉन्ड’ जारी करने की अनुमति देने वाला है। ये बॉन्ड चीनी मुद्रा युआन में जारी किए जाएंगे। 2017 के बाद यह पहली बार होगा जब रूसी कंपनियां चीन के बॉन्ड बाजार में उतरेंगी।
इस कदम से रूस को युआन में सीधा पूंजी निवेश मिलेगा, जिससे उसकी आर्थिक हालत बेहतर हो सकती है। साथ ही, चीन अपनी मुद्रा को वैश्विक बाजारों में मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाएगा।
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोहम्मद ए. एल-एरियन ने इस विरोधाभास पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत सोच रहा होगा… और हमें रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिकी सेकेंडरी सैंक्शन का सामना करना पड़ता है?!”
उनका यह बयान वैश्विक स्तर पर तेजी से वायरल हो रहा है और अमेरिका की दोहरी नीति पर सवाल खड़े कर रहा है।
हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन का दौरा किया, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। जिनपिंग ने उन्हें अपना “पुराना दोस्त” बताया। इस दौरान दोनों नेताओं ने साइबेरिया-2 पाइपलाइन परियोजना।पर चर्चा की, जो भविष्य में चीन को रूसी ऊर्जा की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि चीन और रूस मिलकर डॉलर की वैश्विक पकड़ को कमजोर करना चाहते हैं। पांडा बॉन्ड इसी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, निवेशकों के लिए इसमें जोखिम भी हैं जैसे कि राजनीतिक अस्थिरता, पश्चिमी प्रतिबंध और भुगतान की अनिश्चितता।
अमेरिका की सख्ती और चीन की उदारता ने भारत को कूटनीतिक असमंजस में डाल दिया है। एक तरफ वह रणनीतिक साझेदार अमेरिका को संतुष्ट रखना चाहता है, वहीं रूस से ऊर्जा आपूर्ति उसकी आर्थिक जरूरत है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि भारत इस दबाव और द्वंद्व की स्थिति से कैसे निपटता है।

More From Author

पटना में 22 नई पिंक बसें शुरू, अब हाजीपुर-बिहटा तक महिलाओं की सफर होगी और भी आसान

मधेपुरा में सियासी हलचल तेज़: समाजवाद की धरती पर टिकट की दौड़ में दर्जनों दावेदार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loader-image
Weather
Patna, IN
7:10 pm, Aug 9, 2026
temperature icon 33°C
Cloudy
Humidity: 57 %
Pressure: 999 mb
Wind: 10 mph
Wind Gust: 15 mph
Clouds: 76%
Visibility: 10 km
Sunrise: 5:20 am
Sunset: 6:30 pm
  • Temperature
  • Precipitation
  • Rain Chance
  • Wind
  • Humidity
  • Pressure
8:00 pm
temperature icon
32°/33°°C 0.01 mm 10% 11 mph 61% 1001 mb 0 cm
12:00 am
temperature icon
29°/31°°C 0.51 mm 35% 9 mph 69% 1000 mb 0 cm
3:00 am
temperature icon
29°/29°°C 1.44 mm 46% 10 mph 76% 1000 mb 0 cm
6:00 am
temperature icon
29°/30°°C 0.92 mm 45% 12 mph 76% 1002 mb 0 cm
9:00 am
temperature icon
32°/33°°C 0.06 mm 17% 12 mph 61% 1001 mb 0 cm
12:00 pm
temperature icon
33°/35°°C 0 mm 9% 11 mph 55% 999 mb 0 cm
3:00 pm
temperature icon
33°/35°°C 0 mm 6% 12 mph 55% 998 mb 0 cm
6:00 pm
temperature icon
31°/32°°C 0 mm 8% 10 mph 64% 1000 mb 0 cm