
बक्सर, 22 दिसम्बर (विक्रांत) चौसा रेलवे स्टेशन से जुड़ी वर्षों पुरानी जनसमस्याओं को लेकर प्रस्तावित अनशन एवं प्रदर्शन के मद्देनज़र बुधवार को चौसा रेलवे यात्री संघर्ष समिति की तैयारी समिति की अहम बैठक कैंप कार्यालय, चौसा में हुई। बैठक में स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव, यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित छह सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कल होने वाले अनशन एवं प्रदर्शन की रूपरेखा, कार्यक्रम संचालन और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। समिति के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार यादव ने कहा कि ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चौसा क्षेत्र की लगातार उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र महर्षि च्यवन की तपोभूमि, शेरशाह सूरी की विजयस्थली और 1320 मेगावाट चौसा थर्मल पावर प्लांट का केंद्र होने के बावजूद रेलवे सुविधाओं से वंचित है।

डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और गैर-राजनीतिक होगा। जब तक चौसा स्टेशन को उसका वाजिब हक नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

