पूर्णिया, 13 सितंबर (राजेश कुमार झा) मेरा पांव तो कब्र में लटका हुआ है.मैने तो अपनी उम्र जी ली है.भरा पूरा परिवार देख लिया है.लेकिन मेरे अल्लाह से मेरी एक अंतिम इच्छा है कि मैं प्रधानमंत्री मोदी जी के दर्शन करना चाहता हूं. बताते चलें कि बिफोरप्रिंट डिजिटल की टीम ने पीएम के आगमन को लेकर सीमांचल के दर्जनों गांवों का दौरा किया. देश हित में किए गए प्रधानमंत्री के कार्यों को लेकर लोगों से उनकी राय भी ली. लोगों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साहित दिखे.लेकिन बहुत ऐसे लोग भी मिले जो भारी भीड़ को देखते हुए जनसभा में नहीं जाने की बात कही.

इसी दरमियान अररिया के सिकटी तरफ एक गांव में एक 95 साल के बुजुर्ग से मुलाकात हुई.जिनका जज्बा देख मन को काफी सुकून भी मिला.इनका नाम बदरुद्दीन मियां है.इनका उम्र तकरीबन 95 साल के आसपास बताया जा रहा है.ये अभी भी लाठी के सहारे धीरे धीरे चलते है.आंखों की रौशनी थोड़ी कम है.लेकिन सुनने की क्षमता अभी भी अच्छी है. इनका नाती पोता से भरा पूरा परिवार है.इन्हें अपने जीवन में अल्लाह से कोई दुःख या शिकायत नहीं है.
इनसे जब बिफोरप्रिंट डिजिटल की टीम ने बातचीत करने की कोशिश की तो इन्होंने बताया कि मुझे तो किसी ने भी नहीं बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी पूर्णिया आ रहे है.मैं व्यक्तिगत मोदी जी को बहुत पसंद करता हूं.जब उनको ये बात बताई कि प्रधानमंत्री जी सीमांचल में कोसी मेची लिंक का सौगात देने आ रहे है.जिससे कोसी के तकरीबन 2 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन को सिंचाई की कोई दिक्कत नहीं होगी एवं यहां के श्रमिकों को भी बाहर दूसरे प्रदेश जाने की जरूरत नहीं होगी.इनसे काफी प्रभावित होकर उन्होंने अपने मन की बात रखते हुए बोले कि अल्लाह से मेरी दिली ख्वाहिश है कि मैं एक बार प्रधानमंत्री मोदी जी को देखना चाहता हूं.मैने अपने नाती पोते से कही तो उन लोगों ने मुझे पूर्णिया ले जाने के लिए तैयार हो गए.

