गोपालगंज, 12 सितम्बर (सेंट्रल डेस्क) जिले के कुचायकोट के भठवा मोड़ पर गुरुवार की भोर में हुए शराब माफिया से पुलिस के मुठभेड़ में सीवान के बड़हरिया थाने के सवरेजी गांव के सद्दाम हुसैन के पैर में गोली लगी है। उसके पास से एक स्कॉर्पियो से 61 कार्टून शराब एक देसी कट्टा कारतूस बरामद किया हौ। घायल बदमाश सद्दाम हुसैन को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज डॉक्टरों की देख रेख में चल रहा है। वही एसपी अवधेश दीक्षित ने पहुंच कर अस्पताल में उससे लंबी पूछताछ की। पूछताछ के बाद एसपी ने बताया कि अगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस शराब तस्करी पर काफी सख्ती बरत रही है।

यूपी के कुशीनगर से शराब की खेप आने की सूचना के बाद पुलिस की सक्रियता देख अपराधी फायरिंग कर भागने का प्रयास किये थे। लेकिन पुलिस तीन में बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जिसे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।शुक्रवार की सुबह एसपी अवधेश दीक्षित ने उक्त घायल सद्दाम से घंटो पूछताछ के बाद बताया कि सद्दाम फायरिंग के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उसके दो साथी रात के अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। हलांकि एसपी के जिले में तैनाती के बाद ही अपराधियों व पुलिस के बीच मुठभेड़ का जो सिलसिला शुरू हुआ था,वह आज भी थमा नहीं है। उनके लगभग दस माह के कार्यकाल में गुरुवार की रात नौंवी मुठभेड़ हुई। जिसमें सीवान के कुख्यात शराब माफिया सद्दाम को गोली लगी है।
उसके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी से 61 कार्टून शराब व हथियार पुलिस ने बरामद किया है। घटना के बाद एफएसएल की टीम भी मौके पर जांच की। इसके पूर्व आठवीं मुठभेड़ पुलिस ने सारण के जनताबाजार थाने के सिरिश्तापुर बाजार गांव निवासी कुख्यात विकास सिंह कुशवाहा से मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी। वह मांझा के धर्म परसा बाजार में आभूषण दुकान से 12 लाख की लूट मामलें का मुख्य आरोपी था। वही जिले में पहली मुठभेड़ 18 अक्टूबर की रात में नगर थाने के थावे बाईपास पर हुई थी। जब पुलिस कोर्ट परिसर में फायरिंग करने वाले सीवान के अपराधी सुरेश सिंह की न्यायालय परिसर से गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर दूसरे एक अपराधी को पकड़ने जा रही थी। तभी पुलिस की जीप को चार बाइक सवार बदमाशो ने घेर कर साथी को छुड़ाने की कोशिश की थी। उस जीप पर सवार बदमाश फायरिंग का लाभ उठा कर भागने की कोशिश किया। उसी क्रम में फायरिंग के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी।जिसे इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया था।
दूसरी मुठभेड़ नगर थाने के काकड़कुंड गांव में 1 जनवरी की रात राजू राम नामक बदमाश व शराब तस्कर को गोली लगी थी।
जबकि तीसरी घटना 18 जनवरी को अरविंद यादव हत्याकांड में संलिप्त अभिषेक यादव को मुठभेड़ में लगी पैर में गोली। चौथी मुठभेड़ कुख्यात अपराधी मनीष यादव के साथ 7 फ़रवरी की रात एसटीएफ व पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। इसके पूर्व पांचवी मुठभेड़ में 28 अप्रैल को कुचायकोट के पेटभरिया गांव के चंवर में पुलिस व रेप कांड के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। जिसमें यूपी की किशोरी के साथ रेप करने वाले सासामुसा बिन टोली गांव निवासी करीमन कुमार बिन,अभिषेक कुमार बिन व सोनू कुमार को गोली लगी थी।
हलाकिं इसके बाद 25 जुलाई को बैकुंठपुर में हुए मुठभेड़ में सारण के दाऊदपुर निवासी अजय नट के पैर में गोली लगी थी। बता दें कि वह 25 हजार का इनामी था। गत 1 जुलाई को चौकीदार हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त के साथ बैकुंठपुर के बंगरा में मुठभेड़ हुई थी। जिसमें उसके पैर में गोली लगी थी।

