
बक्सर, 23 जनवरी (डेस्क) वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार एवं जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आज नगर भवन बक्सर में एक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा अर्चना कर ज्ञान, कला और विद्या की देवी से प्रेरणा लेने की प्रार्थना की गई। प्राचीनकाल से यह पर्व विद्या, बुद्धि और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।

विद्यार्थियों एवं स्थानीय कलाकारों ने माँ सरस्वती वंदना, संगीत, नृत्य और काव्य पाठ के माध्यम से इस महोत्सव को जीवंत किया।जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि “वसंत पंचमी न केवल ज्ञान और बुद्धि का पर्व है, बल्कि यह समाज में कला, साहित्य और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम है।” कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

वसंत ऋतु के आगमन का वर्णन करते हुए कार्यक्रम में इसकी प्राकृतिक सुंदरता, फूलों का खिलना, पेड़ों की हरियाली और वातावरण में सुखद तापमान को भी उजागर किया गया। पौराणिक कथाओं के अनुसार वसंत को कामदेव का पुत्र कहा गया है और कवियों ने इसे उल्लास, सौंदर्य और प्रकृति के नये जीवन का संदेश देने वाला ऋतु माना है। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र वितरण के साथ किया गया। इस अवसर पर सभी ने मंगलकामना व्यक्त करते हुए वसंत ऋतु की महिमा और माँ सरस्वती के आशीर्वाद के महत्व को आत्मसात किया।महोत्सव ने न केवल विद्या और कला को बढ़ावा दिया, बल्कि समाज में सांस्कृतिक चेतना और सौंदर्य प्रेम का संदेश भी फैलाया।

