
बक्सर, 13 फरवरी (विक्रांत) शुक्रवार दोपहर झाझा रेलवे यार्ड में अचानक सायरन की तेज आवाज गूंजते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते राहत और बचाव दल एक्शन मोड में आ गए। दरअसल, दानापुर मंडल और 9वीं बटालियन एन.डी.आर.एफ. (बिहटा) के संयुक्त तत्वावधान में एक व्यापक रेल दुर्घटना मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था, जिसमें वास्तविक हादसे जैसा दृश्य तैयार कर एजेंसियों की तत्परता परखी गई।

करीब 12:36 बजे सायरन बजते ही रेलवे की रेस्क्यू टीम ने क्षतिग्रस्त डिब्बों तक पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही एन.डी.आर.एफ. की टीम घटनास्थल पर पहुंची और संयुक्त अभियान प्रारंभ हुआ। परिदृश्य के अनुसार एक यात्री ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे।अभ्यास में 6 यात्रियों को मामूली रूप से घायल, 3 को गंभीर घायल तथा 5 को मृत घोषित किया गया।

गंभीर घायलों और मृतकों को तत्काल सदर अस्पताल जमुई भेजा गया, जबकि मामूली रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंतव्य के लिए रवाना किया गया।रेलवे और एन.डी.आर.एफ. की टीमों ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त कोच को काटकर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।

पूरे अभियान में जिला प्रशासन, आर.पी.एफ., स्काउट एवं गाइड की टीमों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।मौके पर दानापुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक राजीव कुमार, डीएसपी जमुई, डिप्टी कमांडेंट एन.डी.आर.एफ. बिहटा संतोष सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल का संचालन वरीय मंडल संरक्षा अधिकारी प्रेम रंजन ने किया।अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी राहत सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी वास्तविक दुर्घटना में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

