नई दिल्ली, 4 सितम्बर (अशोक “अश्क) प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘टाइम’ ने वर्ष 2025 के AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता)क्षेत्र के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की है, जिसमें भारत से IIT मद्रास के एसोसिएट प्रोफेसर मितेश खापरा का नाम भी शामिल किया गया है। एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों के साथ खापरा का नाम आना भारत के लिए गर्व की बात है।

प्रोफेसर खापरा को यह सम्मान प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) और मशीन लर्निंग में उनके अभिनव शोध कार्य के लिए मिला है, विशेष रूप से भारतीय भाषाओं पर केंद्रित उनके प्रयासों के लिए। उनका मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं में डिजिटल तकनीक को सुलभ और सशक्त बनाना रहा है।
खापरा ने AI4Bharat नामक एक ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट की सह-स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के लिए AI टूल और डेटासेट विकसित करना है। टाइम मैगज़ीन के अनुसार, भारत में वॉइस तकनीक पर काम कर रहे लगभग सभी स्टार्टअप्स, खापरा और उनकी टीम द्वारा बनाए गए डेटासेट्स पर निर्भर करते हैं।
AI4Bharat के तहत खापरा की टीम ने भारत के 500 जिलों से हज़ारों घंटों की आवाज़ रिकॉर्डिंग एकत्र की, जिनमें 22 आधिकारिक भाषाओं को शामिल किया गया। इससे उन क्षेत्रों में भाषा टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिला, जहां अब तक पश्चिमी AI मॉडल कमजोर प्रदर्शन कर रहे थे।
खापरा, IIT मद्रास के कंप्यूटर साइंस विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इससे पहले वे IBM रिसर्च इंडिया में कार्यरत थे। उन्होंने IIT बॉम्बे से पीएचडी और एमटेक किया है और उन्हें गूगल फैकल्टी रिसर्च अवार्ड, माइक्रोसॉफ्ट राइजिंग स्टार अवार्ड और IBM PhD फेलोशिप जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
उनके शोध कार्य ACL, NeurIPS और AAAI जैसे शीर्ष AI सम्मेलनों में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके मॉडल को सुप्रीम कोर्ट में अनुवाद, वॉयस बॉट, और ग्रामीण किसानों के कॉल सेंटर्स तक में अपनाया गया है।
टाइम मैगज़ीन में खापरा ने कहा, “पंद्रह साल पहले भारत में पीएचडी छात्र सिर्फ अंग्रेज़ी पर काम करते थे, लेकिन अब भारतीय भाषाएं केंद्र में हैं।” उनका यह योगदान भारत को वैश्विक AI परिदृश्य में एक नई पहचान दिला रहा है।

