समस्तीपुर, 11 सितंबर (दीपक कुमार) पूसा स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में प्रबंधन बोर्ड सिर्फ नाम का रह गया है। नियमानुसार बोर्ड में आठ सदस्यों का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ तीन सदस्य कार्यरत हैं, जिन्हें कुलपति द्वारा मनोनीत किया गया है। राष्ट्रपति की ओर से अब तक किसी सदस्य की नियुक्ति नहीं हुई है।

प्रबंधन बोर्ड की जिम्मेदारी होती है कि वह विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर निगरानी रखे और संचालन में सहयोग दे, ताकि संस्थान सुचारु रूप से कार्य कर सके। लेकिन वर्तमान में आधे से भी कम सदस्य होने के कारण बोर्ड अपनी भूमिका निभाने में विफल रहा है। जो तीन सदस्य सक्रिय हैं, वे कुलपति के निर्देशों का ही पालन करते हैं। इनमें समस्तीपुर के जयशंकर झा, बक्सर के भुवनेश्वर प्रसाद और देहरादून की ममता राणा शामिल हैं।
अब तक इन सदस्यों ने विश्वविद्यालय के संचालन में न तो कोई सुझाव दिया है, न ही अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है। विश्वविद्यालय में हो रही कथित गड़बड़ियों व घोटालों पर इनकी चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड की बैठकें भी नहीं होतीं, फिर भी इन सदस्यों की विवि में उपस्थिति बनी रहती है।
विश्वविद्यालय में चर्चा है कि कुलपति, इन सदस्यों से अपनी प्रशंसा संबंधी टिप्पणियां बोर्ड की कार्यवाही में दर्ज कराते हैं। माननीय राष्ट्रपति और DARE से निवेदन है कि बोर्ड की जांच कर उसे भंग किया जाए और सक्षम सदस्यों के साथ नए बोर्ड का गठन हो।

