नई दिल्ली, 27 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) दक्षिण एशिया की कूटनीतिक हलचल के बीच पाकिस्तान के शीर्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने ढाका का दौरा किया और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की। यह अहम बैठक ढाका के स्टेट गेस्ट हाउस ‘जमुना’ में हुई, जिसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से ठंडे पड़े रिश्तों को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में द्विपक्षीय व्यापार, निवेश के अवसरों और रक्षा सहयोग को विस्तार देने पर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अब समय आ गया है जब पाकिस्तान और बांग्लादेश को आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की जरूरत है।
चीफ एडवाइजर ऑफिस से जारी बयान में जनरल मिर्जा ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच “साझा इतिहास और सांस्कृतिक डोर” दोनों देशों को स्वाभाविक सहयोगी बनाती है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जनरल मिर्जा ने बताया कि कराची और चटगांव के बीच दोतरफा शिपिंग रूट शुरू किया जा चुका है, जबकि ढाका–कराची के बीच हवाई सेवा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है।
बैठक में मध्य पूर्व और यूरोप में जारी संघर्षों पर भी चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने और शांति बहाल करने के लिए वैश्विक स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है। इसके साथ ही, भ्रामक सूचनाओं के प्रसार और गैर-राज्यीय तत्वों द्वारा क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस मुलाकात में बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. खलीलुर रहमान, सीनियर सेक्रेटरी और एसडीजी कोऑर्डिनेटर लमिया मुर्शिद और पाकिस्तान के हाई कमिश्नर इमरान हैदर भी मौजूद थे।
अधिकारियों के मुताबिक, यह बैठक ढाका और इस्लामाबाद के बीच संवाद को पुनर्जीवित करने की पहल का हिस्सा है। बीते कुछ वर्षों में ऐतिहासिक और व्यापारिक जुड़ाव के बावजूद दोनों देशों के संबंध सीमित रहे हैं। लेकिन जनरल मिर्जा और मोहम्मद यूनुस की यह मुलाकात दक्षिण एशिया में पाकिस्तान–बांग्लादेश रिश्तों के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।

