नई दिल्ली, 15 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1ए की पहली उड़ान 17 अक्टूबर को नासिक से होगी, जो देश की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस ऐतिहासिक मौके पर तेजस की तीसरी प्रोडक्शन लाइन और HTT-40 ट्रेनर विमान की दूसरी लाइन का भी उद्घाटन करेगा। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे।

तेजस एमके1ए का यह “मेडन फ्लाइट” HAL के नासिक प्लांट से होगा, जो तेजस के निर्माण का तीसरा केंद्र है। HAL ने अब तक 10 विमान बना लिए हैं और उनका परीक्षण भी कर लिया है। हालांकि एक विमान डिलीवरी के लिए तैयार है, फिर भी इंडियन एयर फोर्स (IAF) को पहले विमान की आपूर्ति में अभी और समय लगेगा, क्योंकि उड़ान के बाद फाइनल ट्रायल और हथियार फिटिंग बाकी है।
IAF को तेजस एमके1ए की डिलीवरी में एक साल से अधिक की देरी हो चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) द्वारा F-404 इंजन की आपूर्ति में देरी है। अब तक केवल चार इंजन ही HAL को मिल पाए हैं, जबकि हर महीने दो इंजन की आवश्यकता है ताकि डिलीवरी शेड्यूल ट्रैक पर आ सके।
तेजस एमके1ए ने अस्त्र और ASRAAM जैसी मिसाइलों के साथ सफल हथियार परीक्षण पूरे कर लिए हैं, जो इसकी युद्ध क्षमता को दर्शाता है। IAF चीफ एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने भी तेजस के इंतजार को “भूखे को भोजन” जैसा बताया।
तेजस एमके1ए की डिलीवरी 2029 तक पूरी होगी, जबकि 97 और विमानों का सौदा भी हो चुका है। यह प्रोजेक्ट न केवल भारत की रक्षा को मजबूती देगा, बल्कि आत्मनिर्भरता, तकनीकी विकास और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।

