दरभंगा (अशोक “अश्क”) शुक्रवार को दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड स्थित हाईस्कूल सतीघाट में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम उस समय हंगामे में बदल गया जब सांसद शांभवी चौधरी के भाषण के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंच पर मौजूद मंत्री डॉ. अशोक कुमार चौधरी के सामने ही लोगों ने ‘शांभवी वापस जाओ’ और ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ जैसी तख्तियां लहराते हुए जमकर नारेबाजी की।

सांसद शांभवी लोगों से बार-बार शांत होने और बैठने की अपील करती रही थी। उन्होंने कहा, “मैं आपकी जनप्रतिनिधि हूं, मेरी बात सुनिए,” लेकिन विरोध कर रहे लोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। भीड़ के गुस्से को देखकर माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में मंत्री अशोक चौधरी खुद भड़क गए। उन्होंने एसडीपीओ को मंच से ही निर्देश दिया कि “विरोध कर रहे लोगों की तस्वीरें लीजिए और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कीजिए।” उन्होंने यहां तक कह दिया कि “मुझे आपका वोट नहीं चाहिए।”
दरअसल, प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सतीघाट-राजघाट सड़क की खराब हालत को लेकर था। लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई है और बरसात के मौसम में कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों को बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद अब तक सड़क नहीं बनी है।
मंत्री डॉ. चौधरी ने सभा में लोगों को आश्वासन दिया कि यह सड़क पथ निर्माण विभाग के अधीन है और तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य रुका हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा।
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने जखरा गांव (बहेड़ी प्रखंड) में भी शिलान्यास किया और फिर सतीघाट पहुंचे थे। यह इलाका समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र में आता है, जहां से शांभवी चौधरी सांसद हैं और मंत्री अशोक चौधरी के गृह जिला दरभंगा का हिस्सा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नेता चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद विकास कार्य अधूरे छोड़ दिए जाते हैं। उनका कहना है कि जब तक सड़क नहीं बनती, वे जनप्रतिनिधियों का विरोध करते रहेंगे।

