
दरभंगा, 27 जनवरी (अजय राय) दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट की कमान अब कुमार कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह के हाथों में आ गई है। प्रभार ग्रहण करने के बाद दोनों भाइयों ने ट्रस्ट की भविष्य की रूपरेखा सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के अधीन देश-विदेश में कुल 108 मंदिर हैं, जिनमें वाराणसी में चार प्रमुख मंदिर शामिल हैं।

इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी ट्रस्ट की संपत्तियां और मंदिर मौजूद हैं, जो फिलहाल जर्जर हालत में हैं।कुमार कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि दादी महारानी के निधन के बाद ट्रस्ट से जुड़ी तमाम जिम्मेदारियां अब उनके कंधों पर हैं। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर लंबे समय तक न्यायालय में मामला चला, लेकिन अदालत के आदेश के बाद उन्हें और उनके भाई राजेश्वर सिंह को वैधानिक रूप से अधिकार मिला। यह फैसला महारानी के निधन से पूर्व ही उनके पक्ष में आया था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ट्रस्ट का संचालन पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। जर्जर मंदिरों का चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। वहीं राजेश्वर सिंह ने कहा कि ट्रस्ट की स्थापना के समय मंदिरों के रखरखाव के लिए भूमि और तालाब की व्यवस्था थी, जो समय के साथ कमजोर हुई। अब इन संसाधनों को पुनर्जीवित कर मंदिर व्यवस्था को फिर से सशक्त बनाया जाएगा।

