पटना, 17 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र यादव की मुश्किलें अब सियासी दायरे से निकलकर कानूनी मोर्चे पर गंभीर रूप लेती दिख रही हैं। दलित पंचायत सचिव को कथित रूप से धमकाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने करीब 50 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है।

इसके साथ ही यह मामला अब विशेष MP-MLA कोर्ट में ट्रायल के लिए पहुंच गया है।इस प्रकरण को लेकर SC/ST मामलों के विशेष न्यायाधीश पंकज चौहान ने आदेश दिया कि आरोपी वर्तमान विधायक होने के कारण मामले की सुनवाई सांसद-विधायक मामलों के लिए गठित विशेष अदालत में होगी। अब इस केस की सुनवाई MP-MLA कोर्ट के न्यायाधीश धनंजय कुमार मिश्रा करेंगे। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत जल्द ही सुनवाई की तारीख तय करेगी।मामला 26 जुलाई 2025 का है। पटना जिले के मनेर प्रखंड अंतर्गत सराय पंचायत के पंचायत सचिव संदीप कुमार ने 28 जुलाई को हरिजन थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि विधायक ने फोन पर धमकी दी और जातिसूचक व अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।पुलिस जांच में पंचायत सचिव के बयान, वायरल ऑडियो, कॉल डिटेल्स और गवाहों के बयान चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर SC/ST एक्ट समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई।इससे पहले विधायक ने बेल बॉन्ड दाखिल किए थे, लेकिन अब मामला ट्रायल की ओर बढ़ चुका है। यदि आरोप तय होते हैं तो भाई वीरेंद्र यादव के लिए कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक संकट भी और गहरा सकता है।

