पूर्णिया, 15 दिसंबर (राजेश कुमार झा) राजमिस्त्री का काम करते करते बन गया साइबर अपराधी,और महज तीन साल में बन गया अकूत संपत्ति का मालिक.बताते चलें कि जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर रानीपतरा के मुफस्सिल थानाक्षेत्र के रहने वाले एक राजमिस्त्री ने साइबर की दुनिया में एक अनोखा साइबर क्राइम को जन्म दे दिया.

इस राजमिस्त्री ने एक ऐप के जरिए आमलोगों की निजी जानकारियां साझा करने का काम शुरू कर दिया. जिससे इसने काफी रुपया कमाया.इसकी लालच इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते ये साइबर पुलिस की नजरों में आ गया.बताते चलें कि पटना पुलिस को एक जानकारी मिली कि पूर्णिया में बैठा एक आदमी आमलोगों की निजी जानकारियां साझा कर रहा है.

पटना पुलिस की साइबर सेल को इसकी जानकारी मिलते ही पूरे बिहार की साइबर सेल एक्टिव हो गई.पटना की साइबर सेल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विगत शनिवार की रात को ही पूर्णिया पहुंच गई.पूर्णिया पहुंचते ही पूर्णिया की साइबर टीम को साथ लेकर रानीपतरा के मुफस्सिल थाना पहुंच कर राजमिस्त्री और उसके दो नाबालिक बच्चों को उठाकर थाना ले आई.

दूसरे दिन रविवार को पूरी जानकारी इकट्ठा कर ली.उसके बाद जिले के प्रभारी एसपी अंजनी कुमार और सुपौल के वर्तमान एसपी के साथ साथ पटना और पूर्णिया की साइबर टीम ने तकरीबन 36 घंटे तक लगातार पूछताछ की.जिले के प्रभारी एसपी अंजनी कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अभी और पूछताछ होनी बाकी है.हमलोग अभी भी किसी खास नतीजे पर नहीं पहुंचे है.फिलहाल एक आदमी को पूछताछ के लिए रखा गया है.

