बिहारशरीफ 28अगस्त (अविनाश पांडेय) धनबाद के एक बड़े व्यवसायी के 19 वर्षीय पुत्र का पटना से अपहरण कर नालंदा लाया गया और फिरौती के लिए तीन दिनों तक बंदी बनाकर रखा गया। अपहरणकर्ताओं ने युवक से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। गुप्त सूचना के आधार पर नालंदा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मात्र तीन घंटे में युवक को सकुशल बरामद कर लिया और तीन किडनैपरों को हथियार व नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस द्वारा बरामद युवक की पहचान आदित्य सिंह के रूप में हुई है, जो झारखंड के धनबाद जिले के जोड़ा पोखर थाना क्षेत्र के दिगुआडिह गांव निवासी व्यवसायी राजू कुमार सिंह का पुत्र है। आदित्य ने पुलिस को बताया कि उसकी हिमांशु उर्फ गोपी नामक युवक से पहले से जान-पहचान थी। हिमांशु को आदित्य के पिता की कारोबारी हैसियत की जानकारी थी। इसी के चलते उसने अपने साथियों के साथ 25 अगस्त को पटना से आदित्य का अपहरण कर लिया और बिहारशरीफ ले आया।
आदित्य को लहेरी थाना क्षेत्र के बाजार समिति बड़ी पहाड़ी स्थित एक किराए के मकान में रखा गया था। तीन दिनों तक उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और लगातार 10 लाख रुपये की मांग की जाती रही। आखिरकार मौका पाकर आदित्य ने अपने एक दोस्त को मैसेज किया, जिसने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की और अपर पुलिस अधीक्षक नुरुल हक के नेतृत्व में गठित टीम ने युवक को 28 अगस्त की दोपहर सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान तीन किडनैपर—हिमांशु उर्फ गोपी सिंह, कुंदन कुमार और सोनू कुमार को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से दो पिस्टल, तीन मैगजीन, 10 जिंदा कारतूस, चार एंड्रॉइड मोबाइल और 45 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान:
- कुंदन कुमार (21 वर्ष), निवासी मोहम्मदपुर, एकंगरसराय; वर्तमान पता न्यू नालंदा कॉलोनी, लहेरी।
- हिमांशु उर्फ गोपी सिंह (24 वर्ष), निवासी मघड़ा गांव, दीपनगर थाना।
- सोनू कुमार (25 वर्ष), निवासी गोगरी गांव, घोसी थाना, जहानाबाद।
अपर पुलिस अधीक्षक नुरुल हक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिमांशु उर्फ गोपी सिंह पूर्व में भी जेल जा चुका है और अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है। घटना में प्रयुक्त मकान को किराए पर लिया गया था। सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।

